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विरोधाभास : मुख्यमंत्री ने कहा नहीं लगेंगे बड़े मेले उद्योग मंत्री सखलेचा “यह किसने कहा कि ग्वालियर मेला नहीं लगेगा”

एक तरफ प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने नाइट कर्फ्यू सहित बड़े मेले जैसे आयोजन न करने सहित तमाम प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कराए हैं वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मध्यप्रदेश के सूक्ष्म , लघु मध्यम उद्योग मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने ग्वालियर व्यापार मेले के आयोजन को लेकर साफ शब्दों में कहा है कि “यह किसने कहा कि ग्वालियर मेला नहीं लगेगा” । उनके इस बयान को लेकर अब विरोधाभास की स्थिति निर्मित हो गई है हालांकि उन्होंने बाद में यह भी कहा कि सरकार मेला को लेकर अभी स्थिति समझ रही है और वेट एंड वाच की स्थिति में है। हालांकि अभी मेला लगाने का निर्णय हुआ नहीं है आमीक्रोन कोरोना की स्थिति देखकर ही आगे का निर्णय लिया जायेगा।
मंत्री सखलेचा ने कहा कि अभी शासन की ओर से ग्वालियर मेला लगाने का निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन सरकार ने मेला से इंकार भी कहा किया है कि मेला नहीं लगेगा। हम केवल कोरोना ओमीक्रोन की तीसरी लहर को देखकर ही निर्णय लेने की मानसिकता बना पायेंगे। हम आम जन को कोरोना के संकट में डाल भी नहीं सकते।
एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि कोरोना के बढते प्रभाव के कारण हम छोटे दुकानदारों व व्यवसायियों को का नुकसान भी नहीं कर सकते, क्योंकि अभी मेला लगवा दिया और कोरोना की स्थिति बिगड गई तो दुकानदार आर्थिक संकट नहीं सह पायेंगे, क्योंकि दुकान लगाने में उनका कितना पैसा खराब हो जायेगा। और कोरोना की विकराल स्थिति की कौन जिम्मेदारी लेगा। सखलेचा ने इस प्रतिनिधि से कहा कि हम केवल कोरोना के कारण ही यह निर्णय लेने में बिलंब कर रहे हैं, क्योंकि यह जनहित से जुडा मुददा है।सखलेचा ने कहा कि वह जल्द ही ग्वालियर का दौरा भी कर मेला संबंधी फीड बैक भी लेंगे।

उल्लेखनीय है की मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने
बुधवार को मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा विभिन्न मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदेश के कलेक्टर्स से कोविड-19 की स्थिति की जानकारी प्राप्त की थी  और व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भोपाल सहित जबलपुर, ग्वालियर और इंदौर के कलेक्टरों से किए गए प्रबंध की जानकारी  भी ली थी। इसमें साफ तौर पर यह निर्देशित किया गया कि राज्य में बड़े मेले आयोजित न हों

मुख्यमंत्री श्री चौहान के प्रमुख निर्देश

• कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर कार्यशील स्थिति में रहें।
• राज्य में बड़े मेले आयोजित न हों।
• विवाह समारोह आदि में उपस्थिति संख्या सीमित रहे। इनकी सीमा 250 रहेगी।
• उठावना, अंतिम संस्कार आदि में 50 व्यक्ति तक शामिल हों।
• स्कूलों में यथावत 50 प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थिति की व्यवस्था बनी रहे।
• प्रदेश में नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा।
• होम आइसोलेशन का प्रभावी पर्यवेक्षण हो।
• कोविड केयर सेंटर्स में स्वयंसेवी संस्थाएँ स्वेटर, रजाई आदि उपलब्ध करवाएँ।
• आरटीपीसीआर टेस्ट की माकूल व्यवस्था बनी रहे।
• अन्य व्याधियों से ग्रस्त लोगों को प्राथमिकता से अस्पताल में दाखिल कर उपचार का लाभ दें।
• प्रत्येक स्तर पर कोविड एप्रोपिएट व्यवहार का पालन हो।
• ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल GOI के अनुसार हो (भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार चिकित्सा उपचार करें)।
• यह संभव है प्रदेश में संक्रमित रोगी संख्या बढ़ेगी, आवश्यकतानुसार बिस्तर क्षमता बढ़ाएँ।
• कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर ब्लॉक स्तर तक बना लें।
• प्रतिदिन 60 हजार से कम न हो कोरोना जाँच, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग होती रहे।
• 15 से 18 वर्ष के बच्चों के आयु समूह के टीकाकरण का कार्य चलता रहे ।
• संक्रमण के लक्षण साधारण हैं ,फिर भी आवश्यकता अनुसार जो जरूरी कदम होंगे, वे उठाए जाएंगे।
• सभी नगरों और ग्रामों में उपचार और पॉजिटिव रोगियों की देखभाल की व्यवस्थाएँ चाक-चौबंद रहे।
• संभागीय मुख्यालयों और मेडिकल कॉलेज स्तर पर सभी प्रबंध सुनिश्चित करें।

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