Homeप्रमुख खबरेंविशाखापट्टनम में RSS की अखिल भारतीय समन्वय बैठक जारी, 32 संगठनों जिनमें...

विशाखापट्टनम में RSS की अखिल भारतीय समन्वय बैठक जारी, 32 संगठनों जिनमें भाजपा, विहिप, किसान संघ विधार्थी परिषद भी शामिल

विशाखापट्टनम में RSS की अखिल भारतीय समन्वय बैठक, जनसांख्यिकीय बदलाव और युवाओं में नशे पर मंथन
विशाखापट्टनम, 20 अगस्त 2026 /राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के समीप गुड़िलोवा स्थित ‘विज्ञान विहार’ विद्यालय परिसर में बुधवार से शुरू हुई। बैठक का शुभारंभ संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर किया। बैठक 21 अगस्त की शाम तक चलेगी।
बैठक में संघ के सभी सह सरकार्यवाह और अन्य केंद्रीय पदाधिकारियों के साथ संघ प्रेरित 32 विविध संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महामंत्री, अखिल भारतीय संगठन मंत्री तथा चयनित कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं। इनमें भारतीय मजदूर संघ, विश्व हिंदू परिषद, भारतीय जनता पार्टी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय किसान संघ और राष्ट्र सेविका समिति सहित अन्य संगठन शामिल हैं। कुल 327 प्रतिनिधियों की भागीदारी बताई गई है, जिनमें विभिन्न संगठनों के 253 प्रमुख कार्यकर्ता शामिल हैं। इनमें 49 महिलाएं भी हैं।
जनसांख्यिकीय बदलाव और नशे की समस्या पर विशेष चर्चा
बैठक से जुड़ी अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार इस बार चर्चा के प्रमुख विषयों में देश में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव, उससे जुड़ी चिंताएं और संभावित उपाय शामिल हैं। इसके अलावा युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या, उसके दुष्प्रभाव, नशामुक्ति के उपाय और विभिन्न संगठनों के स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने को लेकर भी मंथन किया जा रहा है।
RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के अनुसार, बैठक का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे संघ प्रेरित संगठनों के बीच समन्वय को और मजबूत करना तथा सामाजिक हित से जुड़े कार्यों को मिलकर आगे बढ़ाना है। संगठनों द्वारा पिछले एक वर्ष के काम, उपलब्धियों, अनुभवों, चुनौतियों और समाज में हुए विभिन्न बदलावों की जानकारी भी साझा की जा रही है।
सिर्फ निर्णय लेने की बैठक नहीं
संघ की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि अखिल भारतीय समन्वय बैठक कोई कार्यकारिणी अथवा निर्णय लेने वाली बैठक नहीं है, बल्कि संघ से जुड़े विभिन्न संगठनों के बीच अनुभव साझा करने और बेहतर तालमेल बनाने का मंच है। बैठक में सामाजिक और राष्ट्रीय परिस्थितियों पर विचार-विमर्श के साथ यह भी देखा जा रहा है कि अलग-अलग संगठन अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों को किस प्रकार अधिक प्रभावी बना सकते हैं।
32 संगठनों की भागीदारी महत्वपूर्ण
इस बैठक का महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसमें संघ से जुड़े सामाजिक, श्रमिक, किसान, विद्यार्थी, धार्मिक, राजनीतिक और महिला संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी एक साथ मौजूद हैं। भारतीय मजदूर संघ से लेकर विश्व हिंदू परिषद, भाजपा, विद्यार्थी परिषद, भारतीय किसान संघ और राष्ट्र सेविका समिति तक के प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव साझा कर रहे हैं।
बैठक के दौरान सामाजिक जागरूकता, जनजीवन को प्रभावित करने वाले समसामयिक विषयों और देश की मौजूदा परिस्थितियों पर भी विचार-विमर्श होगा। संघ के अनुसार, विभिन्न संगठनों द्वारा समाज के बीच चलाए जा रहे अभियानों और उनके प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा।
21 अगस्त तक चलेगा मंथन
विशाखापट्टनम के गुड़िलोवा में शुरू हुआ यह तीन दिवसीय मंथन 21 अगस्त की शाम तक चलेगा। आने वाले दिनों में बैठक में उठने वाले विषयों और विभिन्न संगठनों द्वारा साझा किए गए अनुभवों के आधार पर संघ की सामाजिक गतिविधियों और समन्वय को लेकर आगे की दिशा पर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
खास बात यह है कि इस वर्ष की बैठक में युवाओं में नशे की बढ़ती समस्या और देश में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव जैसे विषयों को प्रमुखता मिलना संघ के सामाजिक एजेंडे में इन मुद्दों की बढ़ती अहमियत का संकेत माना जा रहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments