Homeग्वालियर अंचलवीरांगना अवंतीबाई की राष्ट्रभक्ति व बलिदान अनुकरणीय: राठौड़

वीरांगना अवंतीबाई की राष्ट्रभक्ति व बलिदान अनुकरणीय: राठौड़

 

रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती पर किया रक्तदान

ग्वालियर/ रानी अवंतीबाई लोधी ने 1857 की स्वतंत्रता की लड़ाई में अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे। उन्होंने देश को स्वतंत्र कराने के लिए लड़ते-लड़ते अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह बात भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य आशीष प्रताप सिंह राठौड़ ने वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की 192वीं जयंती पर दीनदयाल नगर समिति द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में बतौर मुख्य अतिथि कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. विश्वास मुदगल ने की। विशिष्ट अतिथिपार्षद रेखा त्रिपाठी, एफपीएआई के सचिव अचेन्द्र सिंह कुशवाह एवं डॉ. सुनील शर्मा थे। आरंभ में अतिथियों ने अवंतीबाई की तस्वीर पर माल्यार्पण कर नमन किया। इसके बाद समिति की ओर से स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि राठौड़ ने कहा कि रक्तदान के यज्ञ में अपनी आहुति देकर लोगों का जीवन बचाएं, क्योंकि इससे बड़ा पुण्य का कोई काम नहीं है। उन्होंने कहा कि जब फिरंगियों को खदेड़ने के लिए स्वतंत्रता आंदोलन की चिगारी उठी थी, उस आंदोलन की शुरुआत करने वालों में वीरांगना अवंतीबाई प्रमुख थीं। उन्होंने अंग्रेजों की शक्ति को शौर्य, पराक्रम व त्याग से चुनौती देकर सभी रियासतों को जागरुक कर दिया। उन्होंने वीरांगना अवंतीबाई की राष्ट्रभक्ति व सर्वोच्च बलिदान को अनुकरणीय बताया। इस दौरान डॉ. अशोक मुदगल, डॉ. विश्वास मुदगल, डॉ. सुकीर्ति, डॉ. प्रशांत, डॉ. स्वाति, सीओओ सलव श्रीवास्तव सहित 30 लोगों ने रक्तदान किया। अंत में अतिथियों द्वारा रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

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