व्यापम घोटाले में मध्य प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के लिए भी राहत भरी खबर है। व्यापम घोटाले की जांच करने के तीन साल बाद, सीबीआई को उमा भारती के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिला है। एक अंग्रेजी अखबार के अनुसार उमा भारती से जुड़े मामले में शुरुआत में जांचकर्ताओं की राय अलग-अलग थी। बाद में सीनियर अधिकारियों के हस्तक्षेप से ‘भ्रम’ की स्थिति दूर हुई, जिसके बाद अब उमा भारती को भी व्यापम मामले में क्लीन चिट मिल सकती हैं।
व्यापम घोटाले में उमाभारती के खिलाफ नहीं मिला कोई सबूत
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