प्रवीण दुबे
विजयपुर, बुधनी उपचुनाव सहित झारखंड और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव निपटने के बाद अब भाजपा शीर्ष नेतृत्व का पूरा ध्यान संगठन चुनाव पर केंद्रित हो गया है। मध्यप्रदेश की बात करें तो अपने कार्यकाल की शानदार सफलताओं के बावजूद प्रदेश अध्यक्ष का बदलना लगभग तय माना जा रहा है।
ऐसा इसलिए क्यों कि बीजेपी की गाइडलाइन के अनुसार कोई भी अध्यक्ष पद पर दो बार या उससे अधिक नहीं रह सकता है। इस नियम के चलते वीडी शर्मा की जगह नए प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी। वैसे कुछ बातें ऐसी भी हैं जिनको यदि पार्टी नेतृत्व ने प्राथमिकता दी तो वीडी शर्मा के एक बार फिर रिपीट किया जा सकता है।
वीडी शर्मा के नेतृत्व में विधानसभा और लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने पूरी तरह से कांग्रेस का सफाया कर दिया था। उनका कार्यकाल अव्वल दर्जे का रहा। बीजेपी में शामिल कराने और लोकसभा चुनाव के पहले बडे़ पैमाने पर सदस्यता का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि पार्टी संविधान में प्रदेश अध्यक्ष के लिए निर्धारित उम्र अधिकतम 60 वर्ष की अहर्ता पर भी वे खरे उतरते हैं। लेकिन यह केवल कयास भर हैं, भाजपा की जो संगठनात्मक शैली रही है उसमें व्यक्ति प्रधानता को कहीं कोई स्थान नहीं है जो संगठन की तय गाइड लाइन पर खरा उतरेगा ताज़ उसके सर ही चढ़ेगा। इसको लेकर कोई चौकाने वाला चेहरा भी सामने लाया जा सकता है।
संगठन चुनाव के लिए पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर को प्रदेश चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है। प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक जीतू जिराती, विधायक अर्चना चिटनीस, प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल और डॉ प्रभुलाल जाटवा को सह चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है।
बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए कई बड़े नेता अपनी जगह बनाने में जुटे हैं। इनमें से पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, डॉ नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, भूपेंद्र सिंह,राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी शामिल हैं। हालांकि, पार्टी के अंदरखाने से खबर सामने आई है कि पार्टी चौंकाने वाला नाम सामने ला सकती है। इधर कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुछ ऐसे बिंदु हैं जिनको आगे रखकर पार्टी नये अध्यक्ष का नाम तय करेगी इसमें पार्टी की वैचारिक समझ, संगठन से जुड़ाव, संघ बैक ग्राउंड, सबको साथ लेकर चलने की योग्यता, जैसे कई अन्य बिंदु शामिल हैं। पार्टी किसी महिला,ओबीसी, पिछड़े या आदिवासी वर्ग को भी महत्व दे सकती है।
जो इन बातों पर खरा उतरेगा संगठन का कार्यभार उसे सौंपा जा सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि कौन हो सकता है मध्यप्रदेश बीजेपी का अध्यक्ष?
संगठन चुनाव के लिए पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर को प्रदेश चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक जीतू जिराती, विधायक अर्चना चिटनीस, प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल और डॉ प्रभुलाल जाटवा को सह चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है।