हिंसा में नोमान, बिलाल और नईम की मौत,डीआईजी रेंज मुरादाबाद ने बताया कि ‘लगभग 20 पुलिसकर्मियों को चोट लगी है. एक सीओ अधिकारी और एसपी संभल के पैर में चोट लगी है. डिप्टी कलेक्टर के पैर में फ्रैक्चर हुआ है और एक कॉन्सटेबल के सर में चोट लगी है.’
संभल: उत्तर प्रदेश के संभल में रविवार को एक मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान भीड़ और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प में तीन लोगों की मौत हो गई। मुरादाबाद कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि कर दी है। उन्होंने बताया कि इस हिंसा में नोमान, बिलाल और नईम की मौत हुई है। हिंसा उस वक्त भड़की जब मुगलकालीन एक मस्जिद का अदालत के आदेश पर सर्वेक्षण किया जा रहा था। हिंदू पक्ष का दावा है कि यह मस्जिद भगवान विष्णु के एक प्राचीन हरिहर मंदिर की जगह पर बनाई गई थी। वहीं, अफवाह को रोकने के लिए इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है।
संभल की हिंसा के बाद मुरादाबाद रेंज के डीआईजी अधिकारी मुनिराज जी ने ज़िले की स्थिति का ब्योरा दिया है.
साथ ही उन्होंने सर्वे के दौरान हुए उपद्रव के बारे में भी बताया डीआईजी अधिकारी ने कहा, “संभल में सुबह 7 से 11 बजे के बीच कोर्ट के आदेश के अनुसार सर्वे होना था. वहां पर पूरी सर्वे टीम पहुंची थी. हमने पहले ही फ़ोर्स तैनात करके रखी थी.”
उन्होंने कहा कि अचानक से छोटे-छोटे बच्चों को आगे करके पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया गया, पुलिस ने उनको रोकने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने.
डीआईजी रेंज मुरादाबाद ने कहा कि लोगों ने पुलिस पर लगातार पथराव जारी रखा और कुछ गाड़ियों में आग लगा दी. इसके बाद पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ा और इस क्रम में टियर गैस का इस्तेमाल भी किया.
डीआईजी रेंज मुरादाबाद ने बताया कि ‘लगभग 20 पुलिसकर्मियों को चोट लगी है. एक सीओ अधिकारी और एसपी संभल के पैर में चोट लगी है. डिप्टी कलेक्टर के पैर में फ्रैक्चर हुआ है और एक कॉन्सटेबल के सर में चोट लगी है.’
संभल हिंसा के दौरान हुई मौत पर उन्होंने बताया, “कई असामाजिक तत्वों ने छतों और इधर-उधर से फ़ायरिंग की है, उसी में कुछ लोगों को चोट लगी थी. हमें पोस्टमार्टम में पता चलेगा कि उन लोगों को कहां चोट लगी थी और मौत कैसे हुई. हम 20 लोगों को हिरासत में ले चुके हैं. अभी हालात सामान्य हैं लेकिन अफ़वाहों को फैलने से रोकने के लिए हम कदम उठा रहे हैं.”