श्रीलंका सरकार ने घोषणा की है कि अब देश में मौजूद सभी मस्जिदों में जो उपदेश सुनाए जाते हैं उनकी एक कॉपी सरकार के पास जमा करवानी होगी.
इस कदम का मकसद श्रीलंका में फैले इस्लामिक कट्टरपंथ को खत्म करना बताया गया है. मुस्लिम धर्म और सांस्कृतिक मामलों के मंत्रालय ने कहा कि मस्जिदों का इस्तेमाल कट्टरपंथ फैलाने के लिए नहीं होना चाहिए.
लगभग तीन हफ्ते पहले ईस्टर के दिन श्रीलंका में हुए बम धमाकों में 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. इन धमाकों के हमलावर कथित इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े हुए बताए गए थे.
श्रीलंका में अभी भी आपातकाल जारी है. हालांकि श्रीलंकाई सेना के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल महेश सेनानायके ने कहा है कि लोग अब अपना सामान्य जीवन शुरू कर सकते हैं.
उन्होंने कहा, “श्रीलंका के हालात के बारे में अब अधिक चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, यहां के हालात अब काबू में हैं. हमने बहुत से लोगों को हिरासत में लिया है. हम पता लगा रहे हैं कि ये लोग कितने ताकतवर हैं, इनके पास किस श्रेणी के हथियार हैं.”