भोपाल/ ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की मांग के बीच कमलनाथ केंप भी एक्टिव हो गया है। कमलनाथ केंप से इस बार फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया की राह में रोड़े बिछा दिए गए हैं। सज्जन सिंह वर्मा ने इस पद के लिए अपना दावा पेश किया है साथ ही विकल्प भी पेश करते हुए संगठन की राजनीति में गुटबाजी का रंग घोल दिया।
मैं प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए तैयार: सज्जन सिंह
मध्य प्रदेश के मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने पीसीसी चीफ़ के पद को लेकर अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वह प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए तैयार हैं। पीसीसी चीफ का दायित्व वह संभाल सकते हैं। कहते हैं कि सज्जन सिंह वर्मा कमलनाथ केंप के सिपहसालार हैं और बिना कमलनाथ की एनओसी के इस तरह के बयान नहीं देते।
सिंधिया डिज़रविंग केंडिडेट लेकिन: सज्जन सिंह
सिंधिया के नाम को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सिंधिया डिज़रविंग केंडिडेट है लेकिन पीसीसी चीफ़ ऐसा होना चाहिए जो सत्ता और संगठन को साथ लेकर चलें। इस तरह उन्होंने सिंधिया की राह में रोड़े बिछा दिए और एक संदेश दिया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया सबको साथ लेकर चलने वाले नेता नहीं हैं। हालांकि कांग्रेस में कोई भी सबको साथ लेकर चलने वाला नेता बचा ही नहीं है।
और इस तरह गुटबाजी शुरू
उन्होंने ये भी कहा कि प्रदेश की कमान किसी आदिवासी चेहरे को मिले तो ज्यादा बेहतर होगा।मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने पीसीसी चीफ़ के पद के लिए बाला बच्चन को भी बेहतर उम्मीदवार बताया है। बता दें कि बाला बच्चन मध्यप्रदेश के गृह मंत्री हैं। यदि उन्हे संगठन की कमान दी जाती है तो मंत्रालय वापस लेना होगा। इस तरह सज्जन सिंह वर्मा 2 शिकारों के लिए एक तीर छोड़ा है। या तो इधर लगेेगा या उधर। किसी को भी लगे, कम से कम एक शिकार तो होगा ही।