Homeप्रमुख खबरेंसुनियोजित ठगी के आरोपियों गौरम राय रैली सहित परिवार पर ईनाम घोषित

सुनियोजित ठगी के आरोपियों गौरम राय रैली सहित परिवार पर ईनाम घोषित

हाईकोर्ट का सख्‍त फैसला, कहा- अग्रिम जमानत देने से इंंकार, आरोपियों को हिरासत में लिए बिना अपराध की जांच होना संभव नहीं
-पिछले ढाई माह से फरार हैं आरोपी, पुलिस को जांच में नहीं कर रहे हैं सहयोग, 5-5 हजार का ईनाम

ग्वालियर/ सुनियोजित और बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले आरोपी गौतम राय रैली उसकी पत्नी प्रिया रैली एवं कर्मचारी मानवेंद्र की जमानत याचिका को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। इससे पूर्व सहआरोपी गुलशन राय रैली की भी जमानत याचिका उच्च न्यायालय से निरस्त हो चुकी थी।
माननीय उच्च न्यायालय ने आरोपी को अंतरिम जमानत का लाभ देने से इनकार करते हुए अपने विस्तृत आदेश में कहा कि आरोपी परिवार ने न केवल शिकायतकर्ता को ठगा, बल्कि समाज के बड़े वर्ग को धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और षड्यंत्र के माध्यम से नुकसान पहुँचाया है।

आदेश में उल्लेखित प्रमुख बिंदु

1. आरोपी गुलशन राय रैली, उनके पुत्र गौतम राय रैली व बहु प्रिय रैली ने अपने नौकर मानवेंद्र के साथ मिलकर गंभीर धोखाधड़ी की।
2. आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है और वे पूर्व में भी धोखाधड़ी की नियत से वित्तीय अपराध कर चुके हैं।
3. आरोपियों ने न केवल वर्तमान शिकायतकर्ता बल्कि कई अन्य लोगों को झूठे मामलों में फँसाकर ब्लैकमेलिंग की साज़िशें रचीं।
4. आरोपियों द्वारा विभिन्न बैंकों से बड़े पैमाने पर ऋण लेकर जानबूझकर डिफॉल्ट किया गया। इसके बाद लोगों से धन लेकर उसे बैंक में जमा नहीं किया गया। बाद में नीलामी के समय वही संपत्तियाँ कम कीमत पर परिवारजनों के नाम पर खरीदी गईं, जिससे बैंकों के सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हुआ।
5. कर चोरी के गंभीर मामलों में भी आरोपी संलिप्त पाए गए हैं। इनमें GST विभाग से लगभग ₹340 करोड़ तथा आयकर विभाग से ₹11 करोड़ की कर चोरी का उल्लेख है।

जमानत खारिज करने का कारण

न्यायालय ने यह माना कि इतने बड़े पैमाने पर हुए आर्थिक अपराध की गहन और निष्पक्ष जाँच तभी संभव है जब आरोपी न्यायिक हिरासत में रहे। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे गंभीर आरोपों की स्थिति में अग्रिम या अंतरिम जमानत देना न्यायोचित नहीं होगा।

इस प्रकार उच्च न्यायालय ने आरोपी गौतम राय रैली प्रिया रैली और मानवेंद्र की जमानत याचिका को अस्वीकार करते हुए उसे निरस्त कर दिया।
सुनियोजित ठगी के आरोपी परिवार पर अपराध क्रमांक २८८/२०२५ दिनांक २६.६.२०२५ को दर्ज हुआ था और करीब २.५ महीने होने के बावजूद आरोपितों द्वारा पुलिस जांच में सहयोग न करते हुए फरार हो गए । आरोपीगण द्वारा लगातार न्यायालय से अग्रिम जमानत लेने का असफल प्रयास किया जाता रहा है । ऐसे मे पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा उक्त चारों आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपया का इनाम घोषित कर दिया गया है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments