पूर्व संभागायुक्त बी.एम. शर्मा, जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति अविनाश तिवारी, मालनपुर के पूर्व सरपंच सुरेन्द्र शर्मा, समाजसेवी राजू कुकरेजा सहित कई दानदाताओं ने अभावग्रस्त लोगों की मदद के लिए दान दिया।
ग्वालियर। देश में जब भी आपदा या कोई विपत्ति आती है तो लोग मानवता के नाते आगे बढ़चढक़र अपने सामथ्र्य के अनुसार तन-मन और धन से सहयोग करते हैं। इसी तरह सेवा भारती ग्वालियर द्वारा 10 से 25 जनवरी तक चलाए जा रहे सेवा यज्ञ में दानवीर भामाशाह की तरह लोग देश में अति पिछड़े और वंचितों को समर्थ तथा स्वावलंबी बनाने के लिए खुले हाथों से दान देने के लिए आगे आ रहे हैं। पूर्व संभागायुक्त बी.एम. शर्मा, जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति अविनाश तिवारी, मालनपुर के पूर्व सरपंच सुरेन्द्र शर्मा, समाजसेवी राजू कुकरेजा सहित कई दानदाताओं ने अभावग्रस्त लोगों की मदद के लिए दान दिया।
सेवा भारती ग्वालियर के अध्यक्ष डॉ.प्रकाश लोहिया ने बताया कि सेवा भारती मध्यभारत प्रांत द्वारा पिछले 32 वर्षों से समाज के सहयोग से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन के लिए कई प्रकल्प चलाए जा रहे हैं। निराश्रित, परित्यक्त शिशुओं और बुजुर्गों के लिए मातृ छाया और आनंदधाम प्रकल्प प्रारंभ किए गए हैं। मातृ छाया में सामाजिक एवं अन्य कारणों से त्यागे गए 6 वर्ष तक के बच्चों को पारिवारिक वातावरण में रखा जा रहा है। इन शिशुओं को योग्य परिवारों को कानूनी रूप से दत्तक दिया जाता हैं। उन्होंने बताया कि ग्वालियर, भोपाल और बैतूल में मातृ छाया संचालित किया जा रहा है। बुजुर्गों के लिए भोपाल में आनंदधाम वृद्धाश्रम चलाया जा रहा है।
चलाए जा रहे विद्यालय व संस्कार केन्द्र
आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के बच्चों के लिए संस्कार केन्द्र, विद्यालय, आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास चलाए जा रहे हैं। ग्वालियर, भोपाल, अशोक नगर, गुना, शिवपुरी, सबलगढ़ आदि में संचालित सैकड़ों संस्कार केन्द्रों में प्रशिक्षित शिक्षिकाओं द्वारा नैतिक शिक्षा, अक्षर ज्ञान, अंक ज्ञान, सदाचार, संस्कृत, सामान्य ज्ञान व अन्य विधाओं की शिक्षा दी जाती है। इन बच्चों के माध्यम से परिवारों व बस्तिओं मेें भी सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देता है। इसके अलावा भोपाल और डबरा में उच्च स्तरीय शिक्षा देने के लिए विद्यालय चलाए जा रहे हैं। जहां वाणिज्य, विज्ञान, कम्प्यूटर साइंस आदि विषयों में कप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशालाएं, खेलों के मैदान सहित अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के कारण वह समाज में अपना स्थान बना रहे हैं। वहीं शिवपुरी व गुना में सहरिया जनजाति के बालकों के सर्वांगीण विकास के लिए आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं। इन छात्रावासों से निकले छात्र-छात्राएं अच्छे संस्कार, उच्च शिक्षा प्राप्त कर
समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
बस्तिओं में उपचार कर बांट रहे नि:शुल्क दवाई
सेवा भारती चलित चिकित्सालय के माध्यम से सेवा बस्तिओं में जरूरतमंदों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाई वितरित करती है। समय-समय पर नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा कई जिलोंं के चिकित्सालयों में संचालित रोगी सहायता केन्द्रों के माध्यम से रोगियों एवं उनके सहयोगियों को कंबल दिए जाते हैं। साथ ही मरीजों के लिए दूध गर्म करने के केन्द्र भी चलाए जा रहे हैं।
युवाओं को बना रहे आत्मनिर्भर
सेवा भारती द्वारा जरूरतमंद युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई-कढ़ाई, कम्प्यूटर, टाइपिंग के प्रशिक्षण केन्द्र चलाए जा रहे हैं। इन विभिन्न पाठ्यक्रमों में हजारों युवक-युवतियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर नौकरी या स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ किया है। इसके अलावा स्व सहायता समूहों के माध्यम से सामान्य जीवन यापन करने वाले परिवारों की महिलाओं में बचत प्रोत्साहित करने
एवं स्वरोजगार हेतु प्रेरित किया जा रहा है।
सेवा यज्ञ में ऐसे दे सकते हैं योगदान
इस सेवा यज्ञ में आप भी अपना अहम योगदान इस तरह से दे सकते हैं।
-सेवा केन्द्रों में अपना अमूल्य समय दें।
-किसी एक संस्कार केन्द्र को गोद लें।
-उपयोगी सामग्री एवं धन देकर सहयोग।
– मांगलिक अवसरों जैसे गृह प्रवेश, जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ आदि पर राशि प्रदान करें।