Homeदेशहार के बाद सी.पी.एम. के दफ्तरों पर हमले,

हार के बाद सी.पी.एम. के दफ्तरों पर हमले,

अगरतला
त्रिपुरा में 25 सालों तक राज के बाद मिली हार के बाद    सी.पी.एम.को अब हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। सीपीएम के दफ्तरों पर हमले के साथ ही बैनर्स भी फाड़े जाने की घटना सामने आई है।

शनिवार को बीजेपी के पक्ष में आए चुनाव परिणामों के बाद से ही लेफ्ट पार्टी के खिलाफ जगह-जगह माहौल देखने को मिल रहा था। सीपीएम ने इन हिंसक हरकतों के लिए बीजेपी को ही कसूरवार ठहराया है। विजयरथ पर सवार बीजेपी ने लेफ्ट के त्रिपुरा के सबसे मजबूत किले को भी ढहा दिया है। राज्य की 60 में से 59 सीटों पर हुए चुनाव में सभी सीटों के नतीजे घोषित किए जाने के बाद बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।

बीजेपी ने अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा छूते हुए 35 सीटों पर जीत दर्ज की है। बीजेपी के लिए त्रिपुरा की यह जीत इस वजह से भी मील का पत्थर है, क्योंकि पार्टी ने यहां शून्य से शिखर तक का सफर तय करते हुए 25 साल से सत्तारूढ़ माणिक सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया है।

बीजेपी ने अपनी सहयोगी आईपीएफटी के साथ कुल 43 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, सीपीएम को 16 सीटों पर जीत हासिल हुई। चारीलाम सीट से सीपीएम के उम्मीदवार रामेंद्र नारायण देबबर्मा का मतदान से एक सप्ताह पूर्व निधन होने की वजह से यहां चुनाव स्थगित हो गए थे। इसके बाद राज्य की 60 में से 59 विधानसभा सीटों पर 18 फरवरी को मतदान हुआ था।

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