कुछ राजनीतिक दलों के द्वारा दिया नारा जो जमीन सरकारी है वो जमीन हमारी है तो आपने खूब सुना होगा लेकिन अब मध्यप्रदेश के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों व आईएएस ने जो चीज सरकारी है वो चीज हमारी है के नारे को चरितार्थ करना शुरू कर दिया है।
एक शिवपुरी कलेक्टर एंटीक पत्थर की मूर्तियां अपने ट्रक में भरकर ले गए थे। एक महिला अधिकारी एमपीटी की साइकिल अपने साथ ले गईं थीं परंतु नल की टोटियां ट्यूबलाइट और पंखे….। यह पहली बार हुआ। खबर है कि भोपाल से होशंगाबाद कलेक्टर बनकर गईं महिला आईएएस प्रियंका दास अपने साथ नल की टोंटियां, ट्यूबलाइट और पंखे भी उखाड़ ले गईं। अब मामले ने तूल पकड़ लिया है।
मप्र कैडर की महिला आईएएस प्रियंका दास कुछ समय पहले सत्ताधारी ल भाजपा के झंडे के रंग वाली पोशाक पहनकर सुर्खियों में आई थीं हाल ही में उनका भोपाल से होशंगाबाद तबादला किया गया है। अब वे होशंगाबाद की कलेक्टर हैं। जब वे भोपाल में थीं तो उन्हें चार इमली क्षेत्र में सरकारी आवास आवंटित था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ट्रांसफर के बाद जब उन्होंने बंगला खाली किया और पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों ने जाकर देखा तो बंगले में अंदर काफी तोड़फोड़ की गई थी। बंगले में से काफी सारा सामान, फिटिंग इत्यादि गायब थे। प्रमुख रुप से नल की टोंटियां और बिजली का सामान गायब है।
अब लोक निर्माण विभाग होशंगाबाद कलेक्टर प्रियंका दास को नोटिस देने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले के सुर्खियों में आते ही प्रियंका दास ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया और बताया है कि वो सारा सामान वापस भेज रहीं हैं।
क्या क्या हुआ गायब
70 हजार से अधिक का बिजली का सामान
7 पंखे (एक की कीमत 2276)
ट्यूबलाइट फिटिग्स समेत (एक की कीमत 1172)
3 एग्जास्ट फेन (एक की कीमत 1400)
इसके अलावा कुछ और छोटा मोटा सामान