ओंकारेश्वर. लॉकडाउन के कारण देशभर के उद्योग बंद हैं। इसका असर पर्यावरण पर दिखाई देने लगा है। गंगा, यमुना और नर्मदा समेत कई नदियों का पानी भी स्वच्छ होने लगा है। एक माह पहले तक अनेक हिस्सों में मटमैली दिखने वाली नर्मदा का पानी इन दिनों मिनरल वॉटर जैसा दिखाई दे रहा है।
नर्मदा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ओंकारेश्वर (मप्र) के प्रबंधक एसके व्यास का कहना है कि नर्मदा जल का मानक मिनरल वॉटर जैसा हो गया है। हमारे विभाग द्वारा इसकी जांच भी की गई है। नर्मदा के जल में कई तरह की औषधियां, जड़ी-बूटियां भी समाहित होती हैं। इसे पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
ओंकारेश्वर में 25 साल पहले नर्मदा का जल ऐसा ही शुद्ध
तीर्थनगरी के तमाम विद्वान और वरिष्ठ जनों के मुताबिक ओंकारेश्वर में 25 साल पहले नर्मदा का जल ऐसा ही शुद्ध था। मालूम हो, ओंकारेश्वर में आम दिनों में 5 हजार जबकि त्योहारों पर 2 लाख तीर्थ यात्री पहुंचते हैं।