Homeदेशसंघप्रमुख के देशभक्तिपूर्ण सम्बोधन पर बौखलाई कांग्रेस गलत व्याख्या कर मचाई हायतोबा

संघप्रमुख के देशभक्तिपूर्ण सम्बोधन पर बौखलाई कांग्रेस गलत व्याख्या कर मचाई हायतोबा

देशभक्त  गैर राजनीतिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहनजी भागवत द्वारा बिहार के  मुज्जफरपुर    में दिये एक बौद्धिक का गलत अर्थ निकालकर संघ के परम्परागत विरोधियों ने उसपर एकबार  फिर शाब्दिक हमला बोला है,हालांकि संघ ने इसपर अपना रुख साफ भी कर दिया है बावजूद इसके संघ विरोधी इसपर हायतोबा मचाये हुए हैं।

सारा बवाल डॉ भागवत के उस बौद्धिक को लेकर मचाया जा रहा है जो उन्होंने रविवार को बिहार के मुज्जफरपुर    में दिया था। इस बौध्दिक में डॉ भागवत ने देशरक्षा को समर्पित संघ के  इतिहास का उल्लेख करते हुए जम्मू कश्मीर में आर्मी कैंप पर आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए  कहा था  की हम मिलिट्री नहीं है, लेकिन हमारा अनुशासन उनके जैसा ही है.   देश को अगर हमारी जरूरत पड़े और हमारा संविधान और कानून इजाजत दे हम तुरंत तैयार हो जाएंगे.

स्वयंसेवकों ने चीनी सेना को घुसने नहीं दियाभागवत ने कहा  ”आरएसएस के स्वयं सेवक मातृभूमि की रक्षा के लिए हंसते-हंसते बलिदान देने को तैयार रहते हैं. देश की विपदा में स्वयंसेवक हर वक्त मौजूद रहते हैं.” उन्होंने भारत-चीन के युद्ध की चर्चा करते हुए कहा, ”जब चीन ने हमला किया था तो उस समय संघ के स्वयंसेवक सीमा पर मिलिट्री फोर्स के आने तक डटे रहे. स्वयं सेवकों ने तय किया कि अगर चीनी सेना आयी तो बिना प्रतिकार के उन्हें अंदर प्रवेश करने नहीं देंगे. स्वयंसेवकों को जब जो जिम्मेदारी मिलती है, उसे बखूबी निभाते हैं.”

देशभक्ति भरे बयान का भी विरोध
 संघप्रमुख के इस बौद्धिक को कांग्रेस सहित अन्य विरोधियों ने राष्ट्र विरोधी करार देते हुए संघ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने  तो इसे सेना का अपमान निरूपित कर दिया है। हालांकि संघ ने इस हायतोबा पर अपना रुख साफ करते हुए कहा कि जो इसका विरोध कर रहे हैं उन्हें सही रूप में संघप्रमुख द्वारा कही बात समझना चाहिए।
 संघ ने बयान जारी कर कहा है, ”मोहन भागवत ने सेना से संघ की तुलना नहीं की है, बल्कि ये कहा कि आम लोगों को सैनिक बनाने में छह महीने लगते हैं. अगर सेना ट्रेनिंग दे तो तीन दिन में स्वयंसेवक सैनिक बन जाएगा.”
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