भारत के 15वें राष्ट्रपति के चुनाव हेतु सोमवार को 10 बजे मतदान शुरू हो गया हैं। देश के 4 हजार से ज्यादा सांसद और विधायक सर्वोच्च पद के लिए उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगाएंगे। एक ओर जहां NDA की तरफ से झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू मैदान में हैं। वहीं, विपक्ष के साझा उम्मीदवार पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा हैं।
भारत में राष्ट्रपति का चुनाव इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम के जरिए होता है, जिसमें सांसद और विधायक मतदान करते हैं। चुनाव आयोग की देखरेख में यह पूरी प्रक्रिया होती है। अब सवाल कि क्या होता है इलेक्टोरल कॉलेज? यह ऊपरी और निचले सदन के चुने हुए सदस्यों से मिलकर बनता है। आंकड़ों के लिहाज से बात करें, तो इस चुनाव में 4 हजार 896 मतदाता होंगे। इनमें 543 लोकसभा और 233 राज्यसभा सांसद, सभी राज्यों के 4 हजार 120 विधायक शामिल हैं।
विपक्ष के साझा उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा NDA उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ मैदान में हैं। कांग्रेस, शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, सीपीआई (एम), अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM), राष्ट्रीय जनता दल, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) और अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी उनका समर्थन करने जा रही हैं।
शिवसेना, ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक की बीजू जनता दल, नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड, शिरोमणि अकाली दल, मायावती की बहुजन समाज पार्टी, AIADMK, टीडीपी, वाईएसआरसीपी और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) शामिल है।