प्रवीण दुबे
भाजपा ने मध्यप्रदेश का मुख्यमत्री कौन होगा इसकी रायशुमारी के लिए जिन तीन नेताओं नाम तय किए हैं उनमें मनोहर लाल खट्टर, के लक्ष्मण और आशा लाकड़ा शामिल है।आइए जानते हैं उन तीनों ऑब्जर्वर के बारे में
आशा लाकड़ा जिन्होंने कभी नहीं लड़ा विधानसभा का कोई चुनाव

इन तीनों नामों में आशा लाकड़ा का नाम शायद आपको नया लग रहा हो। आशा ने अभी तक कोई विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा और अब मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा तय करेंगी।
बता दें कि आशा लाकड़ा रांची की मेयर और भाजपा की राष्ट्रीय सचिव हैं। झारखंड के गुमला जिले के चुहरू गांव रहने वाली हैं। आशा के पिता हरि चरण भगत सीआरपीएफ के जवान थे। आशा की मां नहीं हैं। इनकी 3 और बहनें हैं। आशा बेहद साधारण परिवार से आती हैं। इनके परिवार का कोई भी सदस्य राजनीति में शामिल नहीं है।
आशा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में भी शामिल रही हैं। एबीवीपी में कॉलेज सचिव से लेकर राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य तक की जिम्मेदारियां निभाईं हैं। 2010 में आशा ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की टीम में महिला विंग की राष्ट्रीय सचिव बनीं और दिल्ली और पश्चिम बंगाल की प्रभारी रहीं। आशा 2014 से रांची की मेयर हैं।
तेलंगाना निवासी के. लक्ष्मण हैं ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

तेलंगाना राज्य के एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो वर्तमान में 26 सितंबर 2020 से भाजपा के ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वह 2016 से 2020 तक तेलंगाना में बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं वे मुशीरदाबाद का प्रतिनिधित्व किया आंध्र प्रदेश विधानसभा में 1999-2004 तक और वे दो बार विधायक रहे हैं।
खट्टर हैं हरियाणा के मुख्यमंत्री व आरएसएस के पूर्व प्रचारक
खट्टर हरियाणा के मुख्यमंत्री हैं। 26 अक्टूबर 2014 को उन्होने हरियाणा के 10वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी। 18 वर्ष बाद वे इस पद पर विराजमान होने वाले पहले गैर जाट नेता हैं। वे आरएसएस के प्रचारक रह चुके हैं हरियाणा विधान सभा में वे करनाल का प्रतिनिधित्व करते हैं।