60 साल के लंबे अरसे के बाद जब एक बार फिर भारत की टीम इस्लामाबाद पहुँची है ज़ीशान अली भारतीय टीम के कप्तान हैं. इसे महज संयोग ही कहा जाएगा कि 1964 में भारत की डेविस कप टीम जब पहली बार पाकिस्तान की सरज़मीं पर खेलने पहुँची थी, तो जीशान के पिता अख़्तर अली टीम के अहम हिस्सा थे.
सुरक्षा कारणों की वजह से, 2019 की तरह, भारत की टीम पाकिस्तान जाने से इस बार भी कतरा रही थी लेकिन इंटरनेशनल टेनिस फ़ेडरेशन ने भारतीय टेनिस संघ की अपील को रद्द कर दिया
मजबूरन खिलाड़ियों को इस्लामाबाद की फ़्लाइट पकड़नी पड़ी उधर पाकिस्तान पहुंची भारतीय टीम पर सख्त पहरा बैठा दिया गया हैं भारत के खिलाड़ी जैसे पिंजरे में बंद पंछी की तरह हैं.
टीम जब होटल से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जाती है तो दो एस्कॉर्ट वाहन टीम-बस के आगे और पीछे चलते हैं. खिलाड़ियों को किसी से बातचीत की इज़ाज़त नहीं है.
उनकी गतिविधि केवल होटल और काम्प्लेक्स के बीच ही सीमित है. उन्हें इस्लामाबाद पहुँचे पाँच दिन हो चुके हैं लेकिन कहीं जाने की इज़ाज़त नहीं है.
खिलाड़ी शहर देखने और कुछ ख़रीदारी करने के इच्छुक थे लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें इज़ाज़त नहीं दी.
बुधवार की रात उन्हें भारतीय हाई कमीशन के बुलावे पर कड़ी सुरक्षा के बीच जाने दिया गया.