ममता बनर्जी के शासन वाला राज्य पश्चिम बंगाल जिहादी आक्रान्ताओं का गढ़ बनता जा रहा है. पश्चिम बंगाल में जिहादियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं तथा आये दिन राज्य में लूट, डकैती, हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं तो सरेराह महिलाओं, बच्चियों के साथ यौनाचार के मामले भी सामने आ रहे हैं और शायद बंगाल सरकार इस सबसे बेफिक्र है. 5 वर्षीय मासूम के साथ हुई ये वारदात आपको अंदर तक हिला कर रख देगी कि किस तरह मजहबी उन्मादी बहसी सोच से ग्रसित रफीकुल ने एक मासूम के जीवन को रौंद दिया.
मामला पश्चिम बंगाल के 24 परगना उत्तरी जनपद का है. बता दें 24 परगना पश्चिम बंगाल में एक बेहद सवेदनशील क्षेत्र माना जाता है जहाँ आये दिन कुछ तथाकथित मजहबी उन्मादी लोग उन्माद मचाते रहते हैं, उपद्रव मचाते रहते हैं. इस बार इस मजहबी दुराचारी सोच का शिकार एक 5 वर्षीय मासूम बालिका हुई है जिसे न तो बलात्कार के बारे में कोई जानकारी थी, न उसे थी से इस दुनिया के ही बारे में पता था लेकिन व्यभिचारी रफीकुल के लिए सिर्फ उसकी हवस मायने रखती थी और अपनी हवस की भूख में वो उस बच्ची की जिन्दगी को तबाह कर गया. हद तो तब हो गयी उसने पीडिता को 100 रूपये देकर उसकी खामोशी खरीदने की कोशिश की.
खबर के मुताबिक, रविवार 6 मई को रफीकुल इस्लाम ने 5 वर्षीय मासूम को अपने घर बुलाया तथा फिर दरवाजा बंद करके उसके साथ दुराचार किया. बच्ची चीखती रही, चिल्लाती रही लेकिन उस पर कोई फर्क न पड़ा. उसके बाद दुराचारी इस्लाम ने बच्ची को 100 रूपये दिए तथा कहा कि इसकी टॉफी ले लेना. बच्ची इसके बाद अपने घर आयी तथा रोते हुए अपनी मान को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी. इसके बाद बच्ची के परिजनों ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने आरोपी रफीकुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है व पॉक्सो एक्ट के मामला दर्ज कर लिया है.