वरिष्ठ पत्रकार और स्वदेश के समूह संपादक श्री अतुल तारे का चयन वर्ष 2025 के लिए हुकुम चंद नारद सम्मान के लिए किया गया है यह प्रतिष्ठित सम्मान माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान भोपाल द्वारा प्रदान किया जाता है। श्री तारे को यह सम्मान पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को दृष्टिगत रखते हुए चयन समिति ने सर्व सम्मति से लिया है।
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कौन हैं श्री हुकुमचन्द नारद

जबलपुर नगर के निवासी और राष्ट्रीयआन्दोलन में अपना योगदान देने वाले स्वतन्त्रता सेनानी श्री हुकुमचन्द नारद जी का जन्म जबलपुर में वर्ष 1902 में हुआ था। आपके पिताजी श्री मूलचन्द नारद थे। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पत्रकार के रूप में हुकुमचन्द जी जाने जाते है। आपके द्वारा श्रमजीवी पत्रकार संघ की स्थापना की गई। पत्रकारिता के माध्यम से राष्ट्रीय आन्दोलन का प्रचार-प्रसार आपके द्वारा किया गया। महाकौशल प्रान्त में पत्रकारिता को आगे बढ़ाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। राष्ट्रीय आन्दोलन के विभिन्न कार्यक्रमों का प्रसार आपके द्वारा समाचार पत्रों के माध्यम से किया गया। 1 अगस्त, 1942 को ‘भारत छोड़ो आन्दोलन‘ के शुरू होते ही आपको 15 दिन के लिये नजरबन्द कर दिया गया। और 6 अक्टूबर, 1942 से 28 अप्रैल, 1943 तक नारद जी को ब्रिटिश प्रशासन द्वारा एक बार फिर नजरबन्द कर दिया गया। हुकुमचन्द जी ने पत्रकारिता के माध्यम से राष्ट्रीय आन्दोलन को गति देने का कार्य निरन्तर किया गया। आजादी के कुछ ही वर्ष बाद सन् 1953 में हृदयाघात से आपका स्वर्गवास हो गया । राष्ट्रीय आन्दोलन और पत्रकारिता के क्षेत्र में आपके योगदान के लिए जबलपुर और मध्य प्रदेश की जनता निरंतर आपका आभारी रहेगी।