राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद में सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता के ज़रिए समझौता चाहता है. कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई में सभी पक्षों से मध्यस्थता के ज़रिए मामले में समझौते की संभावना तलाशने को कहा है.
चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने सुझाव दिया है कि अगर विवाद सुलझाने की एक फ़ीसदी भी संभावना है तो पक्षों को मध्यस्थता के लिए जाना चाहिए.
5 मार्च को कोर्ट तय करेगा कि मामला कोर्ट द्वारा नियुक्त मध्यस्थ के पास जाना चाहिए या नहीं. कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए दस्तावेज़ पर मुस्लिम और हिंदू, दोनों पक्षों ने सवाल उठाए हैं, जिसके बाद दस्तावेज़ों के अनुवाद को परखने के लिए कोर्ट ने आठ हफ़्तों का समय दिया है.
कोर्ट ने कहा है कि इस दौरान दोनों पक्षों को मध्यस्थता की संभावना तलाशनी चाहिए.