दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक नगर ग्वालियर में होने जा रही है। यूं तो यह बैठक संघ के परम्परागत वार्षिक आयोजन का अंग है और प्रतिवर्ष एक निर्धारित समय पर यह आयोजित की जाती है,बावजूद इसके पाकिस्तान के साथ युद्ध के हालात और दो महीने बाद देश में होने वाले लोकसभा चुनाव और अयोध्या में रामजन्मभूमि जैसे मुद्दों के सरगर्म माहौल को देखते हुए इस बैठक पर देशभर की निगाह जमी हुई है। यह बैठक संघ की योजनानुसार अलग अलग सत्रों में जहां 15 मार्च तक जारी रहेगी वहीं 8 से 10 मार्च तक संघ के सभी अखिल भारतीय अधिकारी एक साथ बैठकर संघ द्वारा तय ज्वलंत विषयों पर प्रस्ताव पास करेंगे।
इसी सिलसिले में ग्वालियर के केदारपुर स्थित केदारधाम स्वरस्वती शिशु मंदिर में पिछले दो दिनों से सरगर्मियां तेज हैं आरएसएस प्रमुख डॉ मोहन भागवत सरकार्यवाह सुरेश भईय्या जोशी सहित संघ के तमाम अखिल भारतीय अधिकारी यहां पहुंच चुके हैं।
चूंकि यहां संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का आयोजन हो रहा है और देश की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी भी संघ परिवार की राजनीतिक शाखा है अतः परिवार संगठन होने के नाते भाजपा अध्यक्ष अमित शाह व अन्य निर्धारित प्रतिनिधि बैठक में शामिल होंगे। इसको लेकर ग्वालियर सहित सम्पूर्ण देश के मीडिया का रुझान यहां केंद्रित है।
अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में जहां देशभर से करीब डेढ़ हजार के आसपास लोग शामिल होंगे वहीं बड़ी संख्या में स्थानीय व प्रान्तभर के कार्यकर्ता व्यवस्था में लगाए गए हैं । बैठक स्थल पर ही बौद्धिक पंडाल, भोजन पंडाल सहित अधिकारी कक्ष बनाये गए हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि बैठक की सम्पूर्ण व्यवस्था में भारतीय संस्कृति का विशेष ध्यान रखा गया है यहां का सम्पूर्ण वातावरण इससे ओतप्रोत दिखाई दे रहा है। बैठक स्थल पर सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं।
इस बैठक में सीधे सीधे मीडिया को प्रवेश वर्जित रहेगा लेकिन संघ को जो जानकारी सार्वजनिक करनी है उसके लिए तीन संवाददाता सम्मेलन बैठक के मीडिया सभागार में होंगे। इसके अलावा कुछ सत्रों में केवल छायाकारों को फोटोग्राफी का मौका दिया जाएगा।
संघ प्रमुख भागवत जी पहुंचे अम्मा महाराज की छतरी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में शामिल होने ग्वालियर आये संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत रविवार की सुबह राजमाता विजयाराजे सिंधिया की समाधि स्थल अम्मा महाराज की छतरी पहुंचे और यहां राजमाता को माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया इस दौरान राजमाता की पुत्री यशोधरा राजे सिंधिया सहित संघ के कई प्रान्तीय अधिकारी भी उनके साथ थे। उल्लेखनीय है कि राजमाता का आरएसएस सहित विश्व हिंदू परिषद से गहरा लगाव था और उन्होंने अपनी ग्वालियर राजघराने की कई इमारतों को शिक्षा सहित अन्य सामाजिक व सेवाकार्य के लिए विविध संगठनों को दान में दिया था।
