भारतीय अर्थव्यवस्था को मृतप्राय बताने संबंधी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे को उनके ही देश के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्लेटफॉर्म झुठला रहे हैं।
भारतीय आर्थिकी पर ट्रंप के दावे को लेकर जब अमेरिकी एआई प्लेटफॉर्मों से सीधा सवाल किया गया तो सभी एआई प्लेटफॉर्मों ने एकमत से अमेरिकी राष्ट्रपति के दावे को गलत करार दिया। क्या भारतीय अर्थव्यवस्था मृतप्राय हो गई है? यह प्रश्न पांच प्रमुख अमेरिकी एआई प्लेटफॉर्मों – चैटजीपीटी, ग्रोक, जेमिनी, मेटा एआई और कोपायलट से पूछा गया।
चैटजीपीटी ने भी ट्रंप को दिखाया आईना
इसके जवाब में चैटजीपीटी ने जवाब दिया, भारत की अर्थव्यवस्था मृतप्राय नहीं, डायनेमिक या गतिशील है। भारतीय अर्थव्यवस्था महत्वाकांक्षी है। ग्रोक ने कहा, नहीं, भारतीय अर्थव्यवस्था मृतप्राय नहीं है। यह वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनी हुई है। जेमिनी ने कहा, तीव्र विकास भारतीय अर्थव्यवस्था की विशेषता है।
मेटा एआई ने भी कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था मृतप्राय नहीं है। यह विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। कोपायलट ने और भी स्पष्ट रूप से उत्तर दिया: भारतीय अर्थव्यवस्था बिल्कुल भी मृतप्राय नहीं है।
ट्रंप ने बताया था डेड इकोनॉमी
- दरअसल ट्रंप ने मॉस्को के साथ नई दिल्ली के व्यापारिक रिश्तों पर निशाना साधते हुए ट्रुथ सोशल पर लिखा था, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि भारत रूस के साथ क्या करता है। वे दोनों अपनी मृत अर्थव्यवस्था को एक साथ डुबा सकते हैं। मुझे इसकी कोई चिंता नहीं। हमने भारत के साथ बहुत ही कम कारोबार किया है। उसका टैरिफ बहुत ज्यादा है।
- ट्रंप के इस बयान की पृष्ठभूमि में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संसद को बताया था कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और कुछ वर्षों में इसके तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद है।