होलाष्टक को ज्योतिष की दृष्टि से एक होलाष्टक दोष माना जाता है, जिसमें विवाह, गर्भाधान, गृह प्रवेश, निर्माण आदि शुभ कार्य वर्जित होते हैं. भारतीय मुहूर्त विज्ञान व ज्योतिष शास्त्र प्रत्येक कार्य के लिए शुभ मुहूर्तों का शोधन कर उसे करने की अनुमति देता है. वर्ष 2019 में होलाष्टक 13 मार्च 2019 बुधवार से शुरू होकर 20 मार्च 2019 बुधवार तक का समय होलाष्टक का रहेगा. 20 मार्च को होलिका दहन के साथ इसकी समाप्ति होगी.
इन दिनों में सभी तरह के शुभ कार्य वर्जित होते हैं. कोई भी कार्य यदि शुभ मुहूर्त में किया जाता है, तो वह उत्तम फल प्रदान करने वाला होता है. इस धर्म धुरी से भारतीय भूमि में प्रत्येक कार्य को सुसंस्कृत समय में किया जाता है, अर्थात ऐसा समय जो उस कार्य की पूर्णता के लिए उपयुक्त हो.
इस प्रकार प्रत्येक कार्य की दृष्टि से उसके शुभ समय का निर्धारण किया गया है. जैसे गर्भाधान, विवाह, पुंसवन, नामकरण, चूड़ाकरन विद्यारंभ, गृह प्रवेश व निर्माण, गृह शांति, हवन यज्ञ कर्म, स्नान, तेल मर्दन आदि कार्यों का सही और उपयुक्त समय निश्चित किया गया है.
ज्योतिष शास्त्र का कथन है कि इस समय विशेष रूप से विवाह नए निर्माण व नए कार्यों को आरंभ नहीं करना चाहिए. इन दिनों में किए गए कार्यों से कष्ट, अनेक पीड़ाओं की आशंका रहती है तथा विवाह आदि संबंध विच्छेद और कलह का शिकार हो जाते हैं या फिर अकाल मृत्यु का खतरा या बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है. होलाष्टक दोष में, संक्राति, ग्रहण काल आदि में शुभ विवाह कार्यों को वर्जित किया गया है.