जापान में एक महिला पत्रकार की जान लगातार 159 घंटों तक ओवरटाइम करने के कारण चली गई। मामला 2013 का है लेकिन मृतक महिला की कंपनी ने इसी हफ्ते उनके केस को सार्वजनिक किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार जापान की सरकारी प्रसारण संस्था एनएचके की कर्मचारी मिवा सादो की जान ज्यादा काम करने की वजह से गई थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मिवा (31) की मौत हार्ट फेल होने के कारण जुलाई, 2013 में हो गई थी। श्रम विभाग की जांच में पता चला कि उन्होंने उस महीने 159 घंटे तक ओवरटाइम किया था और सिर्फ दो दिन की छुट्टी ली थी। मिवा एनएचके के टोक्यो स्थित मुख्यालय में कार्यरत थीं। उस महीने मिवा ने स्थानीय चुनाव कवर किए थे। मालूम हो कि इसी तरह के एक मामले में देंत्सु विज्ञापन एजेंसी में काम करने वाले मत्सुरी तकाहाशी ने अप्रैल, 2015 में आत्महत्या कर ली थी।
इस मामले में श्रम विभाग ने पिछले साल जांच रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें ओवरटाइम को खुदकशी की वजह बताया गया था। इस घटना के बाद जापान में ज्यादा समय तक काम करने को लेकर बहस छिड़ गई थी। सरकार ने प्रति माह ओवरटाइम की सीमा 100 घंटे तक सीमित करने का प्रस्ताव रखा है। इससे ज्यादा होने पर संबंधित कंपनी पर जुर्माना लगाने की बात भी कही गई है।