कई दवाएं केवल इंजेक्शन से ही दी जा सकती हैं. इसके लिए लगातार बदन में सुईयां चुभोना किसी को पसंद नहीं आता. मरीज़ इससे घबराते हैं. स्वास्थ्य सेवाओं में अक्सर साफ़-सुथरे इंजेक्शन की कमी से, बीमारियां भी फैलती हैं.
अब अमरीका के कोच इंस्टीट्यूट फॉर इंटीग्रेटिव कैंसर रिसर्च और हार्वर्ड के ब्रिघम ऐंड वुमन हॉस्पिटल ने मिलकर ऐसी गोली तैयार की है, जिससे इंसुलिन की ख़ुराक बिना इंजेक्शन के ली जा सकेगी.
ये गोली खाने के बाद पेट के भीतर जाकर सीधे आंतों की दीवारों पर इंसुलिन का छिड़काव करेगी. मटर के आकार की इस गोली से टाइप-1 डायबिटीज़ के मरीज़ों को बहुत फ़ायदा होने की उम्मीद है.
इस गोली को विकसित करने वालों का दावा है कि उन्हें इसे बनाने की प्रेरणा लेपर्ड कछुए से मिली. ये कछुआ विपरीत हालात में ख़ुद में तेज़ी से बदलाव ले आता है. इसी तरह ये गोली भी ख़ुद को पेट में ऐसी जगह पहुंचा लेगी, जो सीधे आंत की दीवार पर दवा का छिड़काव करेगी.