श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में सीरियल बम धमाकों में 275 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी और करीबन 500 से ज्यादा लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। कोलंबो में सिलसिलेवार 8 बम धमाके हुए। धमाकों में 27 विदेशी नागरिक भी मारे गए जिसमें एक भारतीय महिला की भी मौत हो गयी। ये धमाके ईस्टर के दिन हुए। बम धमाकों में चर्च जाने वाले लोगो को टार्गेट किया गया था। अधिकारियों के अनुसार इन धमाकों में 24 संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बम धमाकों के बाद श्रीलंकाई सरकार ने कोलंबो में कर्फ़्यू लगा दिया है साथ ही श्रीलंका में सोशल मीडिया पर भी रोक लगा दी गयी है। वहीं इन धमाकों के पीछे मुस्लिम संगठन भी शक के घेरे में है।
#Update: Police in Sri Lanka says, death toll of those killed in multiple blasts now mounts to 290 and over 500 injured are in various hospitals. Many dead bodies remain unidentified. Curfew that was imposed 12 hours ago across the island nation has been lifted.
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) April 22, 2019
दूसरी तरफ , इस सीरियल ब्लास्ट को लेकर निर्वासित पाकिस्तानी नेता और मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के संस्थापकअल्ताफ हुसैन का दावा है कि इसमें पाकिस्तान की आईएसआई का हाथ हो सकता है। मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट के संस्थापक अलताफ हुसैन ने अपने बयान में कहा कि ‘कोलंबो के चर्चों और होटलों में हुए हमलों के पीछे पाकिस्तानी सेना और आईएसआई का हाथ होने से इंकार नहीं किया जा सकता। दुनियाभर में आतंकवाद की हरेक वारदात की नींव पाकिस्तान में ही रखी गई थी।’ वास्तव में देखा जाये तो अलताफ हुसैन की बातों में सच्चाई भी नजर आता है। आतंक को वित्त पोषित करने वाले पाकिस्तान के खिलाफ रोष अब श्री लंका में भी नजर आने लगा है। गौरतलब है कि भारत, ईरान और यहां तक कि अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान को आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है। फिर भी पाकिस्तान आतंकियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता है। जाहिर है श्रीलंका में हुए एक के बाद एक धमाके को लेकर अल्ताफ हुसैन द्वारा किए गए दावे को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता है। हालांकि, एक विदेशी इंटेलिजेंट एजेंसी ने अलर्ट करते हुए ये जानकारी दी थी कि ‘नेशनल तौहीत जमात (एनटीजे)’ नामक संगठन श्रीलंका के कुछ अहम गिरजाघरों को निशाना बना सकता है। जिस एनटीजे (नैशनल तौहीद जमात) का नाम श्रीलंका के धमाके में सामने आ रहा है वो एक कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन है। इस संगठन को तौहीद-ए-जमात के नाम से भी जाना जाता है और इसपर श्रीलंका में वहाबी विचारधारा को बढ़ाने के आरोप भी लगते रहे हैं।
बता दें कि रविवार को हमलावर ईस्टर के स्पेशल नाश्ते कि लाइन में लगा था। वो कतार में आगे बढ़ता रहा और जैसे ही वह लाइन के छोर पर पहुंचा उसने खुद को उड़ा लिया। हमलावर का नाम मोहम्मद आजम मोहम्मद बताया जा रहा है। वो एक रात पहले ही होटल में रुकने आया था। इस हमले में दो आरोपी पर आत्मघाती हमलावरों द्वारा किए गए हैं। शांगरी ला होटल पर हमले को आत्मघाती हमलावर जहरान हाशिम ने अंजाम दिया तो वहीं अबू मोहम्मद की पहचान बटालियको चर्च में हमलावर के रूप में की गई है।