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दिग्गीराजा के समर्थन में तमाम हठयोगियों के साथ कम्प्यूटर बाबा ने भोपाल में धुनी रमाई ,प्रज्ञा ने किया पलटवार

भोपाल।बीजेपी से साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय के समर्थन में कम्प्यूटर बाबा के नेतृत्व तमाम हठयोगी साधू संत  उतर आए है।ये हठयोगी साधु-संत भोपाल के कोहेफिजा स्थित सेफिया कॉलेज ग्राउंड में धुनी रमा रहे है, हठयोग कर रहे और अनुष्ठान की भी तैयारी चल रही है। दावा है कि 7 हज़ार साधु इस कैंपेन में शामिल होंगे। इस दौरान कम्प्यूटर बाबा  के साथ दिग्विजय और उनकी पत्नी अमृता भी मौके पर मौजूद है।वे यहां जीत के लिए विशेष पूजा कर रहे है। कंप्यूटर बाबा के नेतृत्व में यह सिलसिला शुरु हो गया है। संतों का यह तप अब तीन दिन चलने वाला है। 7,8 और 9 मई को कंप्यूटर बाबा भोपाल में दिग्विजय सिंह के समर्थन में तप करेंगे और उनके साथ सात हज़ार से ज़्यादा साधु संत धूनी रमाएंगे। वो साधना कर दिग्विजय सिंह की जीत की कामना करेंगे। इस जप और तप का समापन 9 मई को होगा जब पूरे भोपाल में ये संत समाज रोड-शो करता निकलेगा।जिस पर आयोग भी नजर जमाए हुए है।इस मौके पर कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि बीजेपी अधर्म के साथ चलने वाली है इसलिए संत समाज धर्म के साथ चलने वाली कांग्रेस सरकार के साथ है और भोपाल में दिग्विजय की जीत के लिए हठयोग और अनुष्ठान कर रहा है।

 

दरअसल, भोपाल लोकसभा चुनाव में सिर्फ धर्म को मुद्दा बनाने की कोशिश हो रही है। यही वजह है कि दोनों दलों के प्रत्याशियों की समर्थन में साधु-संत उतर आए हैं। भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर की नामांकर रैली में सैकड़ों की संख्या में साधु, संत एवं साध्वियों ने हिस्सा लिया। अगले कुछ दिनों के भीतर कई साध्वी, साधु, संत एवं बाबा भी प्रज्ञा के समर्थन में अलग-अलग क्षेत्र में उतरेंगे। चुनाव के बीच बाबाओं की बढ़ती सक्रियता को लेकर चुनाव आयोग भी सक्रिय हो गया है। आयोग की टीम बाबाओं की टोली पर नजर रखे हुए है।

साध्वी प्रज्ञा का पलटवार
इस बीच दिग्विजय के समर्थन में धूनी रमाने वाले कंप्यूटर बाबा पर हमला करते हुए साध्वी प्रज्ञा ने  कहा, ‘हमने तो 40-50 हजार सुने थे। अब 40 रह गए हों। देखिए ऐसा है कि ये जो भगवा पहने हुए लोग हैं अभी एक रैली हुई थी सभा हुई थी। कंप्यूटर बाबा ने सभा में लोगों को बुलाया। मीडिया वालों ने प्रश्न कर लिए कि भैया कहां से आए हो कहां से आए हो। भगवाधारी थे, उन्होंने कह दिया कि हम तो भीख मांगते थे ये जो खड़े हैं बाबा मंच पर उन्होंने हमें पैसे दिए और कपड़े पहना दिए और बोले चलो सभा में। हम तो ऐसा सोचते हैं कि यह भी भगवा का व्यापार कर रहे हैं। ये मुझे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं है।’ 

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