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विदेशी मीडिया के जरिए भारत के चुनाव को बदनाम करने की साजिश का सच जानिए

भारत के चुनाव को लेकर इतना बड़ा आरोप लगाने वाली ये खबर कथित तौर पर एक विदेशी चैनल पर चलाई गयी और फिर ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया. वीडियो के जरिए माहौल बनाने की कोशिश है कि ईवीएम में हेराफेरी का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय खबर बन चुका है.

नई दिल्ली: देशभर के तमाम एग्जिट पोल में एनडीए की सरकार की बहुमत के साथ वापसी दिखाई जा रही है. 23 मई को नतीजे घोषित होंगे और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सरकार सामने आ जाएगी. नतीजों से पहले हर कोई बैचेन भी है और उत्सुक भी, वहीं इससे सोशल मीडिया भी अछूता नहीं है. एक तरफ विपक्ष जहां ईवीएम में गड़बड़ी का मुद्दा उठा रहा है तो वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर ईवीएम को लेकर एक बड़ा दावा किया जा रहा है. हैरानी की बात ये है कि यह दावा विदेशी मीडिया के हवाले से किया जा रहा है.

 

क्या दिख रहा है वायरल वीडियो में?
सोशल मीडिया पर विदेशी वीडियो क्लिप को दिखाकर मोदी सरकार पर ईवीएम बदलने के आरोप लगाए जा रहे हैं. वीडियो में दिख रही एक विदेशी न्यूज़ एंकर कहती हैं, ”19 मई 2019 के बाद ईवीएम की धांधली कर भारतीय लोकतंत्र की दिशा बदली जाएगी. TNN को भारत सरकार के सूत्रों से पक्की जानकारी मिली है कि चुनाव प्रक्रिया में जिन ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल हुआ है, उन्हें स्ट्रॉन्ग रूम में बीजेपी की तरफ से तैयार की गई मशीनों से बदल दिया जाएगा जिससे वो चुनाव जीत सके.”

 

एंकर कहती हैं, ”19 मई के बाद जब सारे राजनीतिक दल और नेता 7 हफ्ते तक चलने वाले 7 चरण के चुनाव के बाद आराम कर रहे होंगे उस समय बीजेपी और उसके समर्थकों की देखरेख में स्ट्रॉन्ग रुम में ईवीएम मशीनों की हेराफेरी की जाएगी. पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में ईवीएम बदलने का काम होगा. लोगों को बीजेपी द्वारा ईवीएम मशीन में हो रही धांधली पर संदेह न हो इसलिए उत्तर प्रदेश और बिहार में ईवीएम की हेराफेरी नहीं होगी.”

 

क्या है इस वीडियो की सच्चाई?
भारत के चुनाव में इतनी दिलचस्पी रखने वाले इस कथित अंतरराष्ट्रीय चैनल का नाम TNN World है. इसकी सच्चाई जानने के लिए हम उसकी वेबसाइट पर पहुंचे तो पता चला कि Tricolour News Network नाम की कंपनी इस चैनल को चलाती है. ये कंपनी लंदन में रजिस्टर्ड है और 29 नवंबर 2018 को बनाई गयी है. भारत में लोकसभा चुनाव का एलान होने के कुछ महीने पहले ही इसे शुरू किया गया. गौर करने की बात ये भी है कि इसका नाम Tricolour यानी तिंरगा है और वेबसाइट पर इसका लोगो भी तिरंगा ही है.

 

वीडियो में दिख रही महिला एंकर के बारे में हमने जानकारी जुटाई तो पता चला कि उनका नाम क्रिस्टिन स्टेन है. अपने इंस्टाग्राम में क्रिस्टिन खुद को पार्ट टाइम एक्ट्रेस, प्रेजेंटर और पत्रकार बताती हैं, उनके प्रोफाइल से ये भी पता चला कि वो कुछ शॉर्ट फिल्मों में काम कर चुकी हैं. कंपनी की वेबसाइट दावा करती है कि वो दुनिया भर की अनसेंसर्ड न्यूज दिखाते हैं लेकिन वेबसाइट के कंटेट को देखें तो ज्यादातर खबरें हिंदी भाषा में हैं और भारत को लेकर हैं.

 

इस साल 27 मार्च को कांग्रेस ने दिल्ली में नोटबंदी को लेकर एक स्टिंग ऑपरेशन दिखाया था. कांग्रेस का दावा था कि ये स्टिंग उन्हें सोशल मीडिया से मिला है. हमारी पड़ताल में ये पता चला कि वो स्टिंग ऑपरेशन इसी वेबसाइट पर अपलोड किया गया था. यही नहीं 21 जनवरी को लंदन में ईवीएम हैकिंग को लेकर जो प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी. इस प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल बैठे दिख रहे थे, उसका वीडियो भी इसी वेबसाइट पर मौजूद है.

 

TNN का तीसरा सच ये है कि उसने 27 जुलाई 2015 को गुरदासपुर हमले को लेकर ये आरोप लगाया कि वो भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और पीएमओ दफ्तर से संचालित ऑपरेशन था, जो सरासर गलत खबर है. यानी TNN पर हर वो खबर मौजूद है, जो भारत और भारत सरकार के खिलाफ है. अब चुनाव नतीजों के ठीक पहले भी उसपर ऐसा ही वीडियो अपलोड किया गया है.

 

पड़ताल के बाद पता चला कि साफ है कि ये चैनल एक खास मकसद से कुछ खास लोगों के एजेंडे को पूरा कर रहा है. इसके साथ ही ये चैनल फेक न्यूज फैलाकर भारत की जनता में भ्रम फैला रहा है.

 

 

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