क्रिकेट विश्व कप 2019 का एक बेहद अहम मुक़ाबला कल बर्मिंघम के एजबेस्टन स्टेडियम में खेला गया.
आईसीसी विश्व कप के इस मैच में बांग्लादेश को 28 रनों से हराकर भारत ने सेमीफ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है. भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी चुनी और नौ विकट खोकर 314 रन बनाए.
शतक बनाने वाले रोहित शर्मा को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया लेकिन मैच के दौरान और मैच के बाद जिस एक चेहरे ने सबसे अधिक सुर्खियां बटोरीं वो किसी खिलाड़ी का नहीं था.
वो चेहरा था 87 साल की चारुलता का. सोशल मीडिया पर उन्हें ‘फ़ैन ऑफ़ द टूर्नामेंट’ तक कहा जाने लगा है.
र्शक दीर्घा में बैठकर जिस तरह चारुलता पटेल टीम इंडिया को चीयर कर रही थीं, वो देखते ही बन रहा था. मैच के दौरान वो जहां कई बार कैमरे पर नज़र आईं वहीं मैच ख़त्म होने के बाद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली और शतकवीर रोहित शर्मा उनसे मिलने भी पहुंचे.
व्हील चेयर पर आई चारुलता ने दोनों खिलाड़ियों को जीत की बधाई दी और आशीर्वाद भी. आईसीसी ने चारुलता के साथ एक छोटा सा इंटरव्यू भी किया.
विराट कोहली ने उनसे मिलने के बाद अपने ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट भी किया.
हम अपने सभी प्रशंसकों के प्यार और साथ के लिए उन्हें धन्यवाद कहना चाहेंगे, ख़ासतौर पर चारुलता पटेल जी को. वो 87 साल की हैं और मैंने अभी तक जितने लोगों को देखा है वो उनमें संभवत: सबसे अधिक समर्पित प्रशंसक हैं. उम्र तो सिर्फ़ एक संख्या है, आपका जोश और जुनून आपको कहीं भी ले जा सकता है. उनके आशीर्वाद के साथ अगले लक्ष्य की ओर…”
पर चारुलता पटेल हैं कौन ?
चारुलता ने मैच ख़त्म होने के बाद दिए इंटरव्यू में बताया कि उनका जन्म भारत में नहीं बल्कि तंजानिया में हुआ है. अपने क्रिकेट के शौक और जुनून के बारे में उन्होंने कहा कि उनके बच्चे काउंटी क्रिकेट खेलते हैं और उन्हें देख-देखकर ही वो इस खेल की प्रशंसक बन गईं. उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता भारत से हैं और इसीलिए वो इस मैच में भारत को चीयर करने आईं.
चारुलता ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि भारत इस बार विश्व कप जीतेगा. एनआई को दिए एक इंटरव्यू में चारुलता ने कहा कि वो भगवान गणेश से भारत की जीत के लिए प्रार्थना करेंगी.
उन्होंने बताया कि जब भारत पहली बार साल 1983 में क्रिकेट विश्व विजेता बना था तो उस वक़्त भी वो इंग्लैंड में ही थीं.
चारुलता ने बताया कि क्रिकेट उन्हें बहुत पसंद है लेकिन जब वो नौकरीपेशा थीं तो सिर्फ़ टीवी पर ही मैच देखती थीं लेकिन रिटायर होने के बाद वो जब भी मौक़ा मिलता है मैच देखने स्टेडियम आती हैं.