भोपाल
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर का बुधवार को निधन हो गया। उनका स्वास्थ्य काफी दिनों से खराब था। 7 अगस्त को उन्हें गंभीर हालत में भोपाल के नर्मदा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। पिछले महीने ही बाबूलाल गौर की गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में ऐंजिओप्लास्टी की गई थी लेकिन उसके बाद से उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। बुधवार सुबह डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पूर्व सीएम की मौत पर तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की गई है। उनकी अंतिम यात्रा भी राजकीय सम्मान के साथ निकाली जाएगी।बाबूलाल गौर 89 वर्ष के थे। बताया जा रहा है कि मंगलवार देर रात से ही उनकी हालत और बिगड़ती गई। उनका ब्लड प्रेशर कम होता गया और पल्स रेट भी गिरता गया। उन्हें लगातार लाइफ सपॉर्ट सिस्टम पर रखा गया था। उनकी किडनियों ने भी काम करना बंद कर दिया था। नर्मदा अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर राजेश शर्मा ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। वह वृद्धावस्था संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे और कुछ समय से अस्पताल में भर्ती थे।बताया जा रहा है कि जबसे गौर ऐंजिओप्लास्टी कराकर लौटे तभी से उन्हें काफी कमजोरी हो गई थी। उनकी तीन नसें ब्लॉक बताई गई थीं इसलिए अधिक उम्र के बावजूद उनका ऑपरेशन करना पड़ा।
1974 में वह भोपाल की गोविंदपुरा सीट से निर्दलीय चुनाव जीते और यहीं से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई। 1974 के बाद से वह लगातार यहां से चुनाव जीतते रहे। वह मार्च 1990 से 1992 तक मध्य प्रदेश के स्थानीय शासन, विधि एवं विधायी कार्य, संसदीय कार्य, जनसंपर्क, नगरीय कल्याण, शहरी आवास तथा पुनर्वास एवं भोपाल गैस त्रासदी राहत मंत्री रहे। वह 23 अगस्त 2004 से 29 नवंबर 2005 तक मध्य प्रदेश के सीएम रहे।
पीएम, शिवराज और दिग्विजय ने दी श्रद्धांजलि
बाबूलाल गौर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शोक जताया है। पीएम ने लिखा, ‘बाबूलाल गौरजी का लम्बा राजनीतिक जीवन जनता-जनार्दन की सेवा में समर्पित था। जनसंघ के समय से ही उन्होंने पार्टी को मजबूत और लोकप्रिय बनाने के लिए मेहनत की। मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में मध्य प्रदेश के विकास के लिए किए गए उनके कार्य हमेशा याद रखे जाएंगे। बाबूलाल गौरजी के निधन से गहरा दुख हुआ। ईश्वर शोक संतप्त परिवार को दुख की इस घड़ी में धैर्य और संबल प्रदान करे।’