ग्वालियर 23 अगस्त। पूर्व वित मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली के निधन पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पूर्व मंत्रीगण जयभान सिंह पवैया, श्रीमती माया सिंह, सांसद विवेक शेजवकलर, संभागीय संगठन मंत्री शैलेंद्र बरूआ एवं जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा शोक व्यक्त किया है। इन नेताओं ने ईश्वर से स्व. जेटली की आत्मिक शांति एवं उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की है।
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अरुण जेटली देश की राजनितिक परिदृश्य पर एक महत्वपूर्ण नक्षत्र थे, उन्हांेनेे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और नेता के रूप में भी अपने दायित्वों का निर्वहन किया। मुझे उनके साथ पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में और एक मंत्री के रूप में काम करने का मौका मिला। लोगों को सिखाना और समझाना उनमें उनकी गहरी रुचि थी। कार्यकर्ता आगे बढ़े, जानकारियों में दक्ष हो यह उनका शौक था, इसके लिए अपना समय भी कार्यकर्ताओं के बीच देते थे। आज दुर्भाग्य से वे हम सबके बीच नहीं रहे, उनके निधन से सार्वजनिक जीवन में एक बड़ी रिक्तता आई है, जिस रिक्तता की भरपाई निकट भविष्य में किया जाना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि मैं ईश्वर से कामना करता हूँ कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और जेटली जी के परिवार और भाजपा परिवार को इस दुःख को बर्दाश्त करने की शक्ति दे।
पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि अरुण जेटली का चले जाना भारतीय जनता पार्टी ही, नहीं भारतीय राजनीति के लिए भी क्षति है, इतना प्रतिभाशाली नेता देश ने खो दिया है। जेपी मूवमेंट के समय और छात्र आंदोलन के समय उनकी बहुत बड़ी भूमिका थी। मेरा उनका परिचय विद्यार्थी परिषद के समय हुआ। अटल जी की सरकार रही हो या मोदी जी की सरकार हो, वे थिंक टैंक के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने कहा कि देश को जिन फैसलों ने प्रभावित किया है और जो फैसले लंबे समय तक देश को प्रभावित करेंगे उसके पीछे अरुण जेटली ही थे। उनके सभी दलों से पारिवारिक संबंध थे। युवाओं के प्रति अरूण जी की दिव्य दृष्टि हुआ करती थी, उन्होंने कई युवाओं को आगे बढया है। सुषमा जी के बाद अरुण जेटली का चले जाना यह देश की राजनीति जगत में दुर्भाग्यपूर्ण समय है ।
पूर्व मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि मैंने स्व. अरूण जेटली जी के साथ राज्यसभा में कार्य किया, जब वो विरोधी पक्ष के नेता थे, तब मैं उनके साथ मुख्य सचेतक थी, उनसे उनसे बहुत कुछ सीखा। उनका संसदीय ज्ञान बहुत अच्छा था, विरोधियों को जवाब देते वक्त उनका मुंह बंद कर देते थे। उनके जाने से पार्टी को बहुत क्षति हुई है। इस रिक्त स्थान को कोई पूरा नहीं कर सकता।
ग्वालियर के सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने कहा स्व. अरूण जेटली जी* का ग्वालियर से गहरा नाता था, वे भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते थे और भारतीय जनता पार्टी में उनकी निर्णायक भूमिका थी। वे भारतीय जनता पार्टी के संकटमोचन कहे जाते थे, किसी भी विषय का हाल वह सेकंडों में निकाल देते थे। आज उनके जाने से भारतीय जनता पार्टी को गहरा धक्का लगा है। उनके निधन से सार्वजनिक जीवन में जो रिक्तता आयी है उसकी भरपाई असंभव है।
संभागीय संगठन मंत्री शैलेंद्र बरूआ ने कहा कि अरूण जेटली जी के निधन से न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी अपितु भारत की राजनीति में एक युग की समाप्ति हुई है। वे सभी के दुख और सुख में सहभागी बनते थे। स्व जेटली जी ने सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन में अपने काम के जरिए नए आयाम स्थापित किए है। मुझ जैसे हजारों कार्यकर्ता इनके दिखाए मार्ग पर चलेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की ओर से स्व. अरूण जेटली जी को प्रणाम करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि श्रीचरणों में उनको स्थान दे।
ग्वालियर भाजपा जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा ने कहा कि स्व. अरूण जेटली जी लोकप्रिय नेता थे, उनका निधन भारत की राजनीति के लिए एक क्षति है। उन्होंने कहा कि देश के विकास को लेकर सभी को साथ लेकर चलते थे। कभी भी उन्होंने भेदभावपूर्ण राजनीति नहीं की। उनका निधन भारतीय जनता पार्टी के लिए एक बड़ी क्षति है।
इनके अलावा शोक व्यक्त करने वालों में पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, विधायक भारत सिंह कुशवाह, वेदप्रकाश शर्मा, विवेक जोशी अभय चैधरी, राजेश सोलंकी, जयसिंह कुशवाह, राकेश जादौन, , जयप्रकाश राजौरिया, महामंत्रीगण कमल माखीजानी, शरद गौतम, महेश उमरैया, ध्यानेंद्र सिंह मामा, नियाज मोहम्मद, बालेंदु शुक्ला, राकेश माहौर, डाॅ सतीश सिंह सिकरवार, विनोद शर्मा, अरूण कुलश्रेष्ठ, राजेश दुबे, डाॅ अरविंद राय, रामेश्वर भदौरिया, कनवर मंगलानी, श्रीमती कमला सोनी, सुनीता शिवहरे, संभागीय मीडिया प्रभारी पवनकुमार सेन, श्रीमती रेखा धौलाखंडी, श्रीमती नीता सिंघल, दीपक शर्मा, सोनू मंगल, राकेश खुरासिया, गजेंद्र सिंह राठौर, श्रीमती रीना सोलंकी, श्रीमती गीता बडौरी, कोषाध्यक्ष प्रमोद खंडेलवाल, मधुसूदन सिंह भदौरिया, अरूण कुलश्रेष्ठ, विनोद शर्मा, मंडल अध्यक्षगण रामनिवास तोमर, दारासिंह सेंगर, विजय सक्सैना, जयंत शर्मा, महेंद्र सिंह सोलंकी, रमेश सेन, तिलकराज बैरी, रमाकांत महेते, त्रिलोक शर्मा, भरत दांतरे, विवेक चैहान, धर्मेंद्र आर्य, बलराम बघेल, खुशबू गुप्ता, मनीष मांझी, आशीष मल्होत्रा, सतेंद्र रईखेडा, मनीष दीक्षित आदि शामिल थे ।