मध्य प्रदेश कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक सरगर्मियां तेज हो गई है ।दिल्ली में सोनिया गांधी की कांग्रेस नेताओं और कमलनाथ के साथ बैठक के बाद अब कभी भी कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष एलान हो सकता है। जैसी की खबरें आ रहीं हैं फिलहाल नये पीसीसी चीफ की दौड़ में दिग्विजय सिंह सबसे आगे चल रहे हैं, यदि ज्योतिरादित्य सिंधिया व उनके समर्थक कोई रोड़ा नही बनते हैं तो दिग्विजयसिंह के नाम पर मुहर लगना लगभग तय है।
दरअसल आलाकमान मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार की अस्थिरता की खबरों से चिंतित है और ऐसे में भाजपा की ओर से सरकार को गिराने को लेकर दिए जा रहे बयानों को भी गंभीरता से लिया गया है। कांग्रेस आलाकमान का मानना है कि वर्तमान स्थिति में यदि कांग्रेस की सरकार को पूरे 5 साल तक देश में चलाना है तो एक अनुभवी और मजबूत व्यक्ति संगठन का मुखिया होना जरूरी है और ऐसे में दिग्विजय सिंह से बेहतर कोई नहीं। सोनिया गांधी का यह व्यक्तिगत अनुभव रहा है कि कांग्रेस के संकट के समय में दिग्विजय सिंह ही व्यक्तित्व है जो कम से कम मध्यप्रदेश में कांग्रेस को एकता के सूत्र में बांधकर रख सकते हैं ।मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह का अच्छा खासा वर्चस्व और आज भी प्रदेश के कोने-कोने में उन्हें जानने वाले और उनके समर्थक समर्पित कार्यकर्ता मौजूद है। ऐसे में यदि कमलनाथ के संकटमोचक माने जाने वाले दिग्विजय प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालते हैं तो निश्चित ही प्रदेश कांग्रेस में एक नई ऊर्जा का संचार होगा ,ऐसा आलाकमान का मानना है हालांकि दिग्विजय को पीसीसीसी बनाने में सिंधिया एक बड़ा रोड़ा बन सकते हैं लेकिन दिग्विजय के समर्थकों की अच्छी खासी तादाद न केवल प्रदेश में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर है।