ग्वालियर। नवोदित कलाकारों एवं युवाओं को प्रेरित करने व उन्हें एक मंच प्रदान करने के लिए चित्र भारती मध्य भारत प्रांत द्वारा संगीत एवं कला की अनुपम नगरी ग्वालियर में रविवार को तराणेकर सभागार राष्ट्रोत्थान न्यास भवन, नई सड़क पर फिल्मोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न विधाओं पर आधारित आई फिल्मों में से छह फिल्मों का चयन हुआ, जिनका प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान हुआ।
शुभारंभ कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रदेश की पूर्व मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि चित्र भारती का ग्वालियर में यह फिल्मोत्सव समारोह अपने आप में अनुपम एवं अनुकरणीय आयोजन हैं। इस तरह के मंच नवोदित कलाकारों को अपनी हुनर का प्रदर्शन करने के लिए एक अवसर के रूप में होते हैं।
समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सांसद विवेक शेजवलकर ने कहा कि ग्वालियर कला की नगरी है। संगीत, नाट्य एवं कला के क्षेत्र में ग्वालियर का नाम पहले से ही विश्व पटल पर है, लेकिन आज यहां पर देखकर लग रहा कि फिल्म जगत में भी यह नवोदित कलाकार ग्वालियर का नाम रोशन करेंगे। देश के बड़े-बड़े फिल्म निर्देशकों व कलाकारों में यहां के युवाओं का नाम भी जुड़ेगा। मैं यही कामना करता हूं कि ग्वालियर की युवा तरुणाई देश में हर विधा में पारंगत होकर परचम लहराएं। समारोह के दोनों सत्रों की अध्यक्षता संयोजक दिनेश चाकणकर ने की। शुरुआत में माइकल की टीम ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। संचालन सहसंयोजक चंद्रप्रताप सिंह सिकरवार ने किया एवं कार्यक्रम की भूमिका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचार प्रमुख सुधीर शर्मा ने रखी। अतिथियों का स्वागत अतिथियों नारायण पिरोनिया, मनीष मांझी, नारायण भदौरिया आदि ने किया एवं अतिथियों को स्मृति चिन्ह अभिजीत प्रधान, वीरेंद्र विद्रोही मोनू शर्मा एवं दीपक वर्मा ने भेंट किया।
फिल्म निर्माण एक जुनून है, पैशन हैङ आनंद
विशिष्ट अतिथि फिल्म निर्देशक (मुम्बई) श्री आनंद डी घटराज ने कहा कि फिल्म निर्माण एक जुनून है, पैशन है। जब तक कलाकारों के अंदर यह जिन्दा है, विषय क्लीयर हैं, तब तक अच्छी फिल्मों का निर्माण होता रहेगा। फिल्म निर्माण में सोच आपकी अपनी होनी चाहिए, तभी वह चर्चित बनेंगी। इसलिए फिल्म बनाने से पहले विषय का चयन करें। कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक श्री घनश्याम पिरोनिया, गो हो के अध्यक्ष श्री तरुण गोयल, राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य श्रीमती प्रमिला वाजपेयी, वरिष्ठ शिक्षाविद श्री यशपाल सिंह तोमर, नरेंद्र सक्सेना, सरबजीत सिंह आदि ने भी संबोधित किया।
चयनित फिल्मों का हुआ प्रदर्शन, निर्देशक व कलाकार सम्मानित
फिल्मोत्सव के दौरान कुल छह फिल्मों का चयन किया गया, जो सामाजिक, परिवारवाद, राष्ट्रीयता, पानी बचाने आदि पर आधारित थीं। इनमें से अब और नहीं(जितेंद्र भारद्वाज-निर्देशक), रिश्तों की दीवाली(हेम कुशवाह-निर्देशक), सेव वाटर(उमेश गोंझे-निर्देशक), भारत(शुभम श्रीवास्तव-निर्देशक), सेकंड चांस(दानिश खान-निर्देशक) एवं शुद्धि (सौमित्र कुमार-निर्देशक) का प्रदर्शन किया गया, जिन्हें खूब सराहा गया। अतिथियों ने सभी निर्देशकों का सम्मान भी किया। इसके अलावा फिल्म जगत में काम करने वाली ग्वालियर से जुड़े कलाकारों व हस्तियों अनिल तिवारी, हिमांशु द्विवेदी, नारायण सिंह भदौरिया, सतीश याज्ञनिक, चिराग सिंह चैरी, संदीव लिखारिया, नेमीचन्द झा, नरेंद्र सक्सेना, अमन कुबेर, अंकित प्रजापति, संजय रायजादा, अभिजीत प्रधान, अनूप श्रीवास्तव, डॉ. आलोक पुरोहित को शाल-श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया।