नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में मध्यप्रदेश के तमाम छोटे बड़े शहरों में सड़कों पर जिस प्रकार का जनसमूह उमड़ रहा है उसने कमलनाथ सरकार के होश उड़ा दिए हैं सूत्रों का कहना है की सरकार को अपने खुफिया तंत्र से जिस प्रकार की रिपोर्ट प्राप्त हो रही हैं उसमें साफ तौर पर यह संकेत मिल रहे हैं की CAA के खिलाफ कांग्रेस और उनके समर्थक वामदलों की ओछी बयानबाजी व हिंसक प्रदर्शनों को लेकर प्रदेश की जनता में जोरदार गुस्सा है और इस वजह से कांग्रेस शाशित राज्यों में सरकारों का लोकप्रियता ग्राफ तेजी से नीचे आया है।
मध्यप्रदेश की बात करें तो CAA के समर्थन में उज्जैन, ग्वालियर, देवास, शाजापुर सहित अनेक शहरों में ऐतिहासिक जनसमूह ने सड़कों पर निकलकर जबरदस्त एकता प्रदर्शित की है। सबसे बड़ी यह है की इन विराट रैलियों की अगुवाई कोई विशेष संगठन न करके जनजागरण मंच जैसे अस्थायी मोर्चा करता दिखाई दे रहा हैं, हालांकि यह सच है कि इन रैलियों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ,भाजपा से जुड़े तमाम अनुसांगिक संगठन बढ़ चढ़कर भाग लेते दिखाई दे रहे हैं।
मध्यप्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी को इस बात का अंदाजा पहले से तो था की जनता सड़कों पर उतरने वाली है लेकिन इसमें इतना विराट जनसमूह उमड़ेगा इसका अंदाजा उन्हें कतई नहीं था। अब जबकी प्रदेश के हर छोटे बड़े शहरों में लगातार यह क्रम जारी है कमलनाथ सरकार के होश उड़े हुए हैं उनके समझ में नहीं आ आ रहा की कांग्रेस के खिलाफ और CAA के समर्थन में उफनते इस जनसमर्थन पर कैसे लगाम लगाई जाए। अब तो हालात यह हो गए है की कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह डंगस ने भी CAA के समर्थन में सुर में सुर मिलाकर कमलनाथ की मुसीबत बढ़ा दी है।