भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा कर दी है कि तमाम यूनिवर्सिटी द्वारा किसी भी प्रकार की परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाएगा और सभी कॉलेज स्टूडेंट्स को अगली कक्षा में एडमिशन दिया जाएगा परंतु सरकार की यह घोषणा कानून की किताब मिलाकर उलझ गई है। यूनिवर्सिटी एक्ट यानी विश्वविद्यालय अधिनियम में इसके लिए कोई प्रावधान ही नहीं है और नियम विरुद्ध सरकार की घोषणा के आधार पर जनरल प्रमोशन नहीं दिया जा सकता। एक बात स्पष्ट है कि जनरल प्रमोशन नहीं दिया जा सकता।
उल्लेखनीय ह की स्वतंत्रता और मप्र के गठन के बाद बिना परीक्षा के रिजल्ट बनाने, जनरल प्रमोशन देने की स्थिति किसी सर्वव्यापी आपदा या युद्ध में भी नहीं बनी। ना ऐसा आवश्यकता लगी। 70 साल में पहली बार 2020 में कोविड संक्रमण के कारण छात्रों की सुरक्षा के लिए बिना परीक्षा के रिजल्ट बनाना जरूरी है। जो अधिनियम में संशोधन से संभव है। बिना संशोधन के ऐसा करना नियम विरुद्ध होगा जिसे कोर्ट में चैलेंज कर सकते हैं। रिजल्ट बन जाने के बाद छात्र, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और उच्च शिक्षा विभाग को कोई कानूनी समस्या ना हो इसलिए संशोधन की प्रक्रिया जरूरी है।