अगले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले संघ और भाजपा ने पश्चिम बंगाल पर पूरी तरह फोकस कर दिया है। अभी एकदिन पूर्व ही भाजपा अध्यक्ष नड्डा वहां गए थे और TMC कार्यकर्ताओं की खिसियाहट का शिकार बने थे। उनपर पथराव किया गया था। अब
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत शनिवार से अपनी दो दिवसीय राज्य यात्रा के लिए राजधानी कोलकाता पहुंचे। अपनी यात्रा के दौरान, भागवत छात्रों और युवा प्राप्तकर्ताओं के साथ बातचीत करेंगे। आरएसएस प्रमुख का यह दौरा 19 दिसंबर को गृह मंत्री अमित शाह की बंगाल यात्रा से पहले है।
बता दें, अगस्त 2019 के बाद मोहन भागवत का यह पांचवां बंगाल यात्रा है। उनका ध्येय संगठन को ब्लॉक स्तर पर मजबूत करना है, इससे पहले वह 2019 में तीन बार और 2020 में 22 सिंतबर को वह बंगाल की यात्रा कर चुके हैं।
भागवत की यात्रा अमित शाह के 19 दिसंबर को होने वाले बंगाल दौरे से पहले हो रही है। पश्चिम बंगाल में चुनाव की तैयारियों को लेकर बीजेपी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 19 दिसंबर को पश्चिम बंगाल आने वाले हैं। उनसे पहले राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत 12 दिसंबर शनिवार को पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर होंगे।
अगस्त 2019 के बाद से यह उनका पांचवां बंगाल दौरा है। भागवत अपने कोलकाता दौरे के दौरान सूबे के युवा मेधावियों से मुलाकात करेंगे। भागवत इस दौरान राज्य के युवाओं से मिलेंगे जो स्पेस रिसर्च, नासा, माइक्रोबायोलॉजी, मेडिकल साइंस के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल कर वापस भारत लौटकर, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान में अहम योगदान दे रहे हैं।
अगस्त 2019 के बाद भागवत की यह पांचवीं बंगाल यात्रा है। उनका ध्येय संगठन को ब्लॉक स्तर पर मजबूत करना है। इससे पहले वह 2019 में 1 अगस्त, 31 अगस्त,19 सिंतबर और 2020 में 22 सिंतबर को बंगाल की यात्रा कर चुके हैं। भागवत की यात्रा अमित शाह के 19 दिसंबर को होने वाले बंगाल दौरे से पहले हो रही है।
ऐसे में यह यात्रा राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिहाज से अहम मानी जा रही है।संघ की मौजूदगी 1939 से बंगाल में रही है लेकिन वामपंथ के 34 साल के कार्यकाल में संघ का प्रभाव व्यापक नहीं हो पाया है। 2011 में वामपंथी सरकार जाने के बाद और 2014 में केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद से संघ लगातार बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत बनाने की जुगत में लगा हुआ है।