नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों और सरकार के बीच जारी घमासान के बीच बुधवार को हुई 10वें दौर की वार्ता भी बेनतीजा ही रही। हालांकि, आज केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों पर गतिरोध समाप्त करने के लिए इन्हें डेढ़ साल तक के लिए टालने के साथ ही किसान संगठनों और सरकार के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त कमेटी गठित करने का प्रस्ताव रखा है। किसान नेताओं ने अभी इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है और कहा कि वे आपसी चर्चा के बाद सरकार के समक्ष अपनी राय रखेंगे।
सरकार और लगभग 40 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच 10वें दौर की वार्ता के बाद किसान नेताओं ने कहा कि अगली बैठक 22 जनवरी को तय की गई है। गुरुवार को किसान संगठन अपनी आंतरिक बैठक करेंगे