हिंदू धर्म में माघ महीने का विशेष महत्व होता है। इस महीने गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है। गुप्त नवरात्रि को बेहद खास माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुप्त नवरात्रि में लोग ध्यान-साधना करके दुर्लभ शक्तियां प्राप्त करते हैं। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि साल में दो बार मनाई जाती है। एक बार माघ मास में जिसे माघ गुप्त नवरात्रि भी कहते हैं और एक बार आषाढ़ में भी गुप्त नवरात्रि को मनाया जाता है।
गुप्त नवरात्रि के दौरान गुप्त रूप से मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। गुप्त नवरात्रि के पीछे यह विचार प्रचलित है कि इस दौरान मां दुर्गा की गुप्त रूप से पूजा की जाती है। यह मुख्य रूप से साधुओं, तांत्रिकों द्वारा मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए व तंत्र साधना के लिए मनाया जाता है।
गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के इन स्वरूपों की होती है पूजा-
मां कालिके
तारा देवी
त्रिपुर सुंदरी
भुवनेश्वरी
माता चित्रमस्ता
त्रिपुर भैरवी
मां धूम्रवती
माता बगलामुखी
मातंगी
कमला देवी
गुप्त नवरात्रि 2021 तिथि और घट स्थापना शुभ मुहूर्त-
नवरात्रि शुरू 12 फरवरी 2021 दिन शुक्रवार
नवरात्रि समाप्त 21 फरवरी 2021 दिन रविवार
कलश स्थापना मुहूर्त- सुबह 08 बजकर 34 मिनट से 09 बजकर 59 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक।
गुप्त नवरात्रि को लेकर प्रचलित प्रथाएं-
गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। उपासक सामान्य नवरात्रि के समान ही व्रत और पूजा-अर्चना करते हैं।