Homeश्रद्धाजंलिस्मृति शेष : जस्टिस पीबी सावंत

स्मृति शेष : जस्टिस पीबी सावंत

जयंत तोमर

जस्टिस पी बी सावंत का जाना एक आदर्श न्यायमूर्ति का हम सबके बीच से विदा होना है.
जिस तरह जस्टिस श्रीकृष्ण अय्यर का यश किसी ओहदे से जुड़ा नहीं है बल्कि अपने विचार, व्याख्यान व निर्णयों के कारण वे सामाजिक न्याय के चैम्पियन कहलाये, जस्टिस पी बी सावंत को सुदीर्घ अवधि तक स्मरण करने का कारण भी यही बातें होंगी.
पता नहीं क्यों इंडियन एक्सप्रेस उनके दिवंगत होने के त्वरित समाचार में यह बताना भूल गया कि जस्टिस पी बी सावंत दो बार भारतीय प्रेस परिषद् के अध्यक्ष रहे. पहले सन् 1995 से 98 तक, और फिर 1998 से 2001 तक.
भारतीय प्रेस परिषद् को ‘ नख- दंतहीन संस्था’ की छवि से मुक्त करने के भी उन्होंने सार्थक प्रयास किये.

जस्टिस सावंत कई कारणों से हमारी व्यक्तिगत स्मृति में एक पवित्र स्थान घेरे हुए हैं.
1996-97 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों और अध्यापकों का साझा आन्दोलन चल रहा था. मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को समझाने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था . प्रभाष जोशी, जस्टिस पी बी सावंत और अजित भट्टाचार्य.
भोपाल में लालघाटी के वीआइपी गेस्ट हाउस में विद्यार्थियों को बातचीत के लिए बुलाया गया था.
अजित भट्टाचार्य तो बहुत कम ही बोलते थे. बहुत बाद में उनकी लिखी जेपी की जीवनी पढ़ी. तभी पता चला था कि वे
‘ एवरीमेन्स’ से भी जुड़े रहे.
विद्यार्थियों से बातचीत की शुरुआत प्रभाष जोशी जी ने की और सबसे आखिर में बोले जस्टिस सावंत.
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उनकी मांगों पर जरुर विचार होगा लेकिन पहले आन्दोलन समाप्त किया जाए.
जस्टिस सावंत ने जो कहा था वह किया भी.
अपना फोन नंबर वे दे गये थे. कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि उन्हें फोन लगाया हो और उन्होंने बेरुखी दिखाई हो.
भोपाल में प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो के आमंत्रण पर भी वे तभी एक बार चुनाव के समय आये थे.
साहित्यकार निर्मल वर्मा ने स्मृति पर दिये व्याख्यान में कभी कहा था मनुष्य की आयु उतनी ही है जितनी लम्बी व्यक्ति और समाज की स्मृति.
जस्टिस पी बी सावंत जैसे न्यायविद और सज्जन व्यक्ति हमारी सामूहिक स्मृति का एक अभिन्न हिस्सा हैं जिसकी सुगंध कस्तूरी की तरह सुरभित करती रहेगी.

लेखक आईटीएम यूनिवर्सिटी पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष हैं

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments