ग्वालियर/ उज्जैन /पूरे देश की तरह ग्वालियर अंचल में भी महाशिवरात्रि के अवसर पर सभी शिवालयों में आकर्षक साज सज्जा की गई है। लोग शाम से ही यहां दर्शन के लिए पहुचना शुरू हो गए हैं मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थिति भगवान महाकालेश्वर और ओमकालेश्वर ज्योतिर्लिंगों में शिवरात्रि के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर व्यवस्था की है।ग्वालियर के अचलेश्वर, गुप्तेश्वर व कोटेश्वर महादेव मंदिरों पर भी दर्शन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
देश के 12 ज्योतिर्लिंग में प्रमुख भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में शिवरात्रि के पावन अवसर पर देश ही नही बल्कि विदेश से हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन व पूजा अर्चन के लिए आते हैं। वैश्विक महामारी कोरोना को ध्यान में रखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किये गये है। इस बार महाशिवरात्रि पर दर्शनार्थियो की संख्या सीमित की गई है।
उज्जैन में महाशिवरात्रि पर्व बडे ही धूमधाम से मनाया जाता है। शिव विवाहोत्सव के रुप में नौ दिनों तक अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस वर्ष की तरह इस वर्ष भी मंदिर विशाल परिसर को विवाह मंडप की तरह सुसज्जित किया जाता है। इस पर्व पर नौ दिनों तक अलग अलग आकर्षक स्वरुपो में भगवान महाकाल का श्रंगारित किया जाता है। मंदिर में विशेष पूजा एवं अनुष्ठान होते है।
जिला प्रशासन ने कोविड के दृष्टिगत दर्शनार्थियों की संख्या को 25 हजार तक सीमित करने का निर्णय लिया है। जिन दर्शनार्थियों ने पहले से वेबसाइट, मोबाइल एप एवं टोलफ्री नंबर पर ऑनलाइन बुकिंग करवाई है वे ही दर्शन कर सकेंगे।
कलेक्टर एवं महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष आशीष सिंह ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग वाले दर्शनार्थियों को मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। दर्शनार्थियों को किसी भी स्थिति में प्री-बुकिंग के बिना प्रवेश संभव नहीं हो सकेगा।
कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र कुमार शुक्ल ने अधिकारियों-कर्मचारियों से कहा है कि वे दर्शनार्थियों से मृदु व्यवहार रखें एवं उनका मार्गदर्शन करें। प्री-बुकिंग से आने वाले दर्शनार्थियों को मास्क एवं पानी की बोतल दी जायेगी।
ग्वालियर के प्रसिद्ध अचलेश्वर मंदिर पर यह रहेगी दर्शन व्यस्थाएँ
श्री अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास के अध्यक्ष हरीदास अग्रवाल ने श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था और गाइडलाइन जारी की है। शिवालय में शिवलिंग का स्पर्श न करें। दूर से ही दूध, गंगाजल, बेलपत्र और फूल चढ़ाएं।
- मास्क लगाएं, एक-दूसरे से कम से कम 2 से 3 फीट की दूरी रखें।
- अचलेश्वर मंदिर के गर्भगृह तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए चेंबर ऑफ कॉमर्स से ललितपुर कॉलोनी होते हुए एमएलबी कॉलेज के पहले गेट से गर्भगृह तक पहुंचाने के लिए कतार लगेगी।
- गर्भगृह के बाहर से दर्शन करने की व्यवस्था है। यांत्रिक जल पात्र से दूध, गंगा जल, बेलपत्र शिवलिंग तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है।
- अचलेश्वर मंदिर के बाहर LED लगाकर भी दर्शन कराए जाएंगे।



