Homeमध्यप्रदेशमुख्यमंत्री ने किया कला पंचांग का लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने किया कला पंचांग का लोकार्पण

प्रदेश में मार्च 2022 तक होने वाली सभी सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों का कार्यक्रम जारी
ग्वालियर 30 जून 2021/ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने संस्कृति विभाग द्वारा प्रकाशित कला पंचांग का आज निवास पर लोकार्पण किया। पर्यटन, संस्कृति एवं अध्यात्म मंत्री सुश्री उषा ठाकुर और प्रमुख सचिव संस्कृति तथा जनसंपर्क श्री शिव शेखर शुक्ला भी इस अवसर पर उपस्थित थे। मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को ‘बुंदेलखंड के भित्ति चित्र’ नामक पुस्तक भेंट की। प्रमुख सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला ने जानकारी दी कि कला पंचांग में संस्कृति तथा पर्यटन विभाग द्वारा वर्ष के आगामी माहों में संचालित की जाने वाली सभी गतिविधियों को जोड़ा गया है। पंचाग में अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक की गतिविधियों का उल्लेख है।
प्रदेश में प्रतिवर्ष आयोजित होती हैं लगभग दो हजार सांस्कृतिक गतिविधियाँ
उल्लेखनीय है कि संस्कृति विभाग सम्पूर्ण प्रदेश में कला और उसके स्वरूपों पर केन्द्रित समारोह, प्रदर्शनी, प्रशिक्षण शिविर, पुरस्कार, परिसंवाद, संगोष्ठी, व्याख्यान, कविता, कहानी, फिल्म, नाटक, साहित्य पठन-पाठन आदि गतिविधियाँ आयोजित करता है। विभाग द्वारा वर्ष में आयोजित ऐसी समस्त गतिविधियों की जानकारी समय पूर्व देने के उद्देश्य से कला पंचांग प्रकाशित किया जाता है। यह प्रयास कला रसिकों, अध्येताओं, विशेषज्ञों, प्रशिक्षुओं, कलाकारों, पत्रकारों, आलोचकों, गणमान्य नागरिकों और इन गतिविधियों में रूचि रखने वालों की सुविधा के लिए है। यह दो से ढाई दशक पुरानी परम्परा है। पूरे वर्ष में अलग-अलग अकादमियाँ और संचालनालय जो गतिविधियाँ करती हैं उनका योग लगभग 1500 से 2000 के मध्य होता है। विभाग द्वारा लगभग 30 नई गतिविधियाँ शामिल की गई हैं। आजादी का अमृत महोत्सव अंतर्गत की जाने वाले गतिविधियों को भी इसमें सम्मिलित किया गया है।
कोरोना की स्थिति में ऑनलाइन होंगे आयोजन
कला पंचांग का प्रकाशन इस आशा के साथ किया गया है कि देश कोरोना महामारी के संकट से मुक्त होगा और सांस्कृतिक गतिविधियाँ पूर्ववत आयोजित हो सकेंगी। यदि गतिविधियों को भौतिक रूप से आयोजित नहीं किया जा सकेगा तो कार्यक्रम ऑनलाइन आयोजित करने के प्रयास होंगे।
जनजातीय कलाकारों की पेंटिंग्स से सुसज्जित है कला पंचांग
वर्ष 2021-22 के कला पंचांग में मध्यप्रदेश की जनजातियों के प्रकृति से लगाव के चित्रण को प्रकाशित किया गया है। पंचांग के कवर पेज पर कलाबाई श्याम द्वारा करमा नृत्य पर बनाई गई पेंटिंग है। इसके साथ ही भूरी बाई, ननकू सिया श्याम, लाडो बाई, दुर्गाबाई, नर्मदा प्रसाद टेकाम और रामसिंह के चित्रण से पंचांग सुशोभित है। पंचांग के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि हम अपने आस-पास प्रकृति को पुर्नस्थापित करने का प्रयास करें।

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