भाजपा की एकात्म यात्रा ग्वालियर में फ़्लॉप शो साबित हुई मुख्य आयोजन स्थल फूलबाग पर अपेक्षा से कहीं कम भीड़ जुटी। मुख्यमंत्री के पसंदीदा आयोजन के यूं पूरी तरह असफ़ल रहने के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है ?
बहुत सारे भाजपाई इसका ठीकरा जिला प्रशासन, निगम प्रशासन और सरकारी मशीनरी पर फोड़ते दिखाई दे रहे हैं,लेकिन इसमें कितनी सत्यता है यह किसी से छुपी नहीं है।
यदि भाजपा नेताओं की बात को सच भी मान लिया जाए तो चुनावी वर्ष में पार्टी के ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रम जिसमें की सीधे सीधे मुख्यमंत्री की साख दांव पर लगी हो प्रशासन के जिम्मे छोड़ना कहां तक उचित है।
यदि प्रशासन इस यात्रा को जिसमें कि भाजपा का पूरा का पूरा संगठन रात दिन तैयारी का जायजा लेने में जुटा था सफल कराने में असफल रहा है तो क्या केवल इसे प्रशासन की असफलता मान कर पल्ला झाड़ने को जायज ठहराना सही माना जा सकता है ?
यह भी मान लिया जाए कि प्रशासन के कारण आयोजन स्थल पर दावों के मुताबिक भीड़ नहीं जुटी तो चुनावी समय में इस तरह की नाकारा नोकरशाही को आखिर तवज्जो क्यों दी जा रही है। उनके पर क्यों नहीं कतरे जा रहे । जिस समय प्रशासन भीड़ जुटाने के लिए जनता की जगह स्कूली बच्चों की व्यवस्था करने में जुटा था भाजपा नेता उनकी हां में हां क्यों मिला रहे थे।
भाजपा के बड़े नेताओं को इस बात चिंतन करने की जरूरत है कि जिस शहर में पार्टी का नगरनिगम से लेकर केंद्र तक मज़बूत संगठनात्मक ढांचा है। वहां के सत्ता और संगठन से जुड़े लोग मुख्यमंत्री की सभा में भीड़ क्यों नहीं जुटा सक ? यदि जनता ने रुचि नही दिखाई तो इसका कारण क्या है ? यह अरुचि किस वजह से है जनता कहीं भाजपा से नाराज तो नहीं ? इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि ग्वालियर में भाजपा बुरी तरह गुटबाजी का शिकार है। पूरी पार्टी एक दो नेताओं के इर्द गिर्द सिमट कर रह गयी है। पार्टी पर जातिवाद हावी दिखाई देता है।जैसा कि हमनेE शरूआत में ही लिखा है कि ग्वालियर जैसे शहर में भाजपा को पूरी ताकत के साथ एकात्म यात्रा की अब तक की सर्वाधिक भीड़ जुटाने की आवश्यकता थी। ऐसा इसलिए क्यों कि आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का मुख्यमंत्री पद का चेहरा यहीं से होगा और भाजपा को सबसे बड़ी चुनोती यहीं से मिलने वाली है।
ऐसी स्थिति में पार्टी के किसी बड़े आयोजन के फ़्लॉप होने वह भी मुख्यमंत्री के किसी कार्यक्रम की असफलता का बहुत गलत प्रभाव पड़ सकता है। कांग्रेस इस फ्लॉप आयोजन को जनता के बीच मुख्यमंत्री की घटती लोकप्रियता बताकर फायदा उठा सकती हैं ।
ग्वालियर में क्यों फ्लॉप शो साबित हुई मुख्यमंत्री की एकात्म यात्रा
RELATED ARTICLES