ग्वालियर चम्बल सम्भाग के शिवपुरी, दतिया, श्योपुर ग्वालियर आदि स्थानों पर सिंध,क्वारी,कूनो ,पार्वती नदियों का जलस्तर अब नीचे पहुंच चुका है लेकिन भिंड मुरैना मैं चम्बल अभी डरा रही है। जहां पानी उतर चुका है वहां तबाही का मंजर दिल दहला देने वाला है। आज भी ग्वालियर के मोहना में पार्वती नदी का पानी उतरते ही एक शव नहर में उतराता मिला है। अबतक की जानकारी के अनुसार बाढ़ और मकान गिरने से 18 लोगों की मौत हो चुकी है।यह सरकारी आंकड़ा है जो तबाही की तस्वीरेँ हैं और जो कहानियां अब सामने आ रही हैं उससे लगता है जान माल का नुकसान अब तक आये आंकड़ों से अधिक हो सकता है। बाढ़ और मकान गिरने से सबसे ज्यादा शिवपुरी में 11 लोगों की जान गई है। ग्वालियर में 3, मुरैना में 2, भिंड-श्योपुर में एक-एक की जान गई है। CM शिवराज सिंह ने इसे महाविनाश माना है। सैकड़ों करोड़ रुपए के सड़क, बिजली, पुल, संचार अन्य तरह के अंधोसरचना का नुकसान हुआ है। यह सब वापस तैयार करना भी सरकार के लिए चुनौती है। ग्वालियर-चंबल अंचल के 50 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ प्रभावित हैं। हजारों लोग अलग-अलग जिलों में बने 126 राहत कैंप में शरण लिए हुए हैं। 18 लोगों की मौत हो चुकी है, अकेले शिवपुरी में 11 लोग जान गंवा चुके हैं। कितने लोग लापता हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है। बाढ़ से 4 हजार मकान बह चुके हैं या ढह गए हैं। पानी उतरने के बाद पलायन कर चुके लोग लौट रहे हैं। अब इनके सामने जिंदगी की चुनौती है। सिर्फ एक जोड़ी कपड़े जो वह पहन रखे हैं, उसके अलावा कुछ भी नहीं है।
शांत हुआ सैलाब तो दिखी डरावनी तस्वीर ढह गए 4 हजार मकान 18 की मौत न जाने कितने लापता 50 हजार हुए बर्बाद
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