भोपाल /वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत सिंह को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के महाधिवक्ता एडवोकेट जरनल नियुक्त किया गया है, मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में महाधिवक्ता रहे पुरुषेन्द्र कौरव के न्यायाधीश बनने के बाद प्रशांत सिंह को महाधिवक्ता बनाया गया है, इस सबन्ध में सरकार ने आदेश जारी कर दिया है, प्रशांत सिंह मध्यप्रदेश के 19वे महाधिवक्ता बने है।
प्रशांत सिंह 2007 में भी एडिशनल एडवोकेट जनरल का पद संभाल चुके हैं, लेकिन बाद में उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया था, प्रशांत सिंह करीब 2 साल एडिशनल एडवोकेट जनरल पद का पद संभाल चुके हैं। पुरुषेन्द्र कौरव के जस्टिस बनने के बाद यह पद खाली हो गया था, 2009 में पुरुषेन्द्र कौरव सबसे कम उम्र 33 वर्ष में उप महाधिवक्ता फिर अतिरिक्त महाधिवक्ता और जून 2017 में पहली बार महाधिवक्ता बनाए गए थे।
महाधिवक्ता के लिए प्रशांत सिंह का नाम सबसे ऊपर था और उन्हें ही महाधिवक्ता के लिए प्रबल दावेदार माना जा रहा था, अधिवक्ता प्रशांत सिंह आरएसएस से जुड़े हुए हैं लिहाजा उनके नाम की चर्चा सबसे ज्यादा थी, प्रशांत सिंह का भाजपा संगठन में भी खासा दखल रहता है।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से रहा है घर जुड़ाव
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत सिंह ने 1992 में पूर्व महाधिवक्ता रविनंदन सिंह के मार्गदर्शन में वकालत की शुरूआत की थी। 1996 में स्वतंत्र वकालत शुरू कर दी। आगे चलकर पैनल लाॅयर फिर अतिरिक्त महाधिवक्ता बनाए गए, लेकिन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संकल्प महाशिविर की जिम्मेदारी निभाने के लिए इस पद से इस्तीफा दे दिया।
विश्व हिन्दू परिषद व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में कई महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके श्री सिंह फिलहाल आरएसएस के महाकौशल प्रांत के संघ प्रचारक हैं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से गहरे जुड़ाव के कारण देश और प्रदेश के विधि जगत के समान विचारधारा के विधिवेत्ताओं के बीच भी उनकी खासी पैठ है। मिलनसार व्यक्तित्व के धनी प्रशांत सिंह जबलपुर के वकीलों के बीच लोकप्रिय हैं।
महाधिवक्ता बने प्रशांत सिंह रिट, सिविल, क्रिमिनल, टैक्स व संवैधानिक सभी तरह की वकालत में समान रूप से महारत रखते हैं। अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में उनका कार्यकाल यादगार रहा। राज्य की ओर से दमदारी से पैरवी उनका अंदाज रहा है।