प्रवीण दुबे
रविवार को ग्वालियर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सहित केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर और ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई अन्य मंत्रियों व विशिष्ट जनों की गाड़ियां घनघनाती रहीं। इसी शोर शराबे के बीच से निकलकर कर सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो ने शहरवासियों को आश्चर्यचकित कर दिया। यह वीडियो था केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का जिसमें वे अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम से अलग हटकर ग्वालियर में स्थापित 1857 के स्वतंत्रता समर की महानायिका वीरांगना लक्ष्मीबाई के बलिदान स्थली अर्थात समाधि पर पहुंचकर उन्हें श्रध्दापूर्वक नमन करते दिखाई दे रहे हैं। यहां बताना उपयुक्त होगा की पिछले अनेक दशकों में सिंधिया राजवंश को लक्ष्मीबाई के स्वतंत्रता संग्राम प्रसंग को लेकर निशाने पर लिया जाता रहा है। जिस समय ज्योतिरादित्य सिंधिया व उनके पिता स्व. माधवराव सिंधिया कांग्रेस में रहे उस समय उनके ऊपर इस प्रसंग को लेकर भाजपा की ओर से विशेषकर पूर्व सांसद जयभान सिंह पवैया यहां तक की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा भी शाब्दिक हमले किये जाते रहे ,उधर लक्ष्मीबाई की समाधि पर शहर में प्रतिवर्ष आयोजित कार्यक्रमों सहित अन्य अवसरों पर भी सिंधिया राजवंश की अनुपस्थिति भी निशाने पर रही है। हालांकि वीरांगना के समाधिस्थल को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया के दादा स्व जीवाजीराव सिंधिया का विशेष योगदान रहा है जिसका उल्लेख वहां के शिलालेख पर भी अंकित देखा जा सकता है। बावजूद इसके कवयित्री सुभद्राकुमारी की कविता ,कुछ इतिहासकारों के लेखन व राजनीतिक हमलों के कारण लक्ष्मीबाई को लेकर सिंधिया राजवंश निशाने पर रहा है।लेकिन दिल्ली के मुगल बादशाह शाह आलम को भी उसकी औकात याद दिलाने वाले महादजी सिंधिया की वीरता व देशभक्ति तथा लक्ष्मीबाई की समाधिस्थल के लिए किए सहयोग को कभी भुलाया नहीं जा सकता। आज ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अचानक वीरांगना को उनकी समाधि पर नमन करके उनके प्रति अपने अंतरमन की श्रध्दा का प्रगटीकरण कर दिया
ऐसा लगता है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया का काफिला जब वीरांगना की समाधिस्थल पर था तब उनके खून में समाहित देशभक्ति जागृत हो उठी और वे स्व प्रेरणा से वीरांगना समाधि पर नतमस्तक होने वहां जा पहुंचे। यदि इसमें कोई राजनीति होती तो वे एकाएक वहां न पहुंचकर पहले से घोषणा करके मीडिया के लाव लश्कर व भीड़ के साथ वहां पहुंचते। बहुत सारे लोग इस घटनाक्रम को सिंधिया के भीतर भाजपा में आने के बाद हुए ह्रदय परिवर्तन से जोड़कर भी देख रहे हैं। यदि वीरांगना के प्रति श्रद्धाभाव का जागरण इस वजह से भी हुआ है तो यह भी एक सुखद संयोग है और इसकी प्रशंसा की जाना चाहिये । उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने आज ट्रिपल आईटीएम से एलीवेटेड रोड़ का स्थल निरीक्षण करना शुरू किया था और वे ट्रिपल आईटीएम के बाद हजीरा होते हुए लक्ष्मीबाई समाधि स्थल तक पहुंचे थे इसी दौरान यह घटनाक्रम घटित हुआ।