Homeप्रमुख खबरेंसंघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा से पूर्व नागपुर में शाह और...

संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा से पूर्व नागपुर में शाह और भागवतजी के बीच आज होगी मुलाकात

नई मदिल्ली: पूर्वोत्तर राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शानदार सफलता के बाद आज (रविवार, 4 मार्च) पार्टी अध्यक्ष अमित शाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात करेंगे. यह बैठक नागपुर के संघ मुख्यालय हेडगेवार भवन में होगी, जिसमें भैय्याजी जोशी भी मौजूद होंगे. सूत्रों की मानें तो पूर्वोत्तर में जीत के साथ अमित शाह के कार्यकाल को बढ़ाने के मुद्दे को लेकर चर्चा हो सकती है. अमित शाह के कार्यकाल के 2 साल की अवधि पूरी हो रही है.

संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा होने की संभावना है, जोकि नागपुर में 9 से 11 मार्च के बीच होनी है. सूत्रों के अनुसार, 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी प्रतिनिधी सभा में निर्णय ली जा सकती है. लोकसभा चुनाव को लेकर संघ परिवार की रणनीति, भाजपा की योजना और पार्टी संगठन में बदलाव के साथ वरिष्ठतम स्वयंसेवक प्रचारकों की भाजपा में शामिल होने को लेकर भी चर्चा की जा सकती है.

 

हालांकि अमित शाह के नागपुर दौरे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, संघ समेत भाजपा की नागपुर ईकाई की ओर से भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई. संघ परिवार द्वारा अमित शाह और मोहन भागवत की नागपुर में भेंट की बात को सार्वजनिक नहीं किया गया है. संघ सूत्रों ने मुलाकात के सवाल पर कहा कि संघ परिवार में वरिष्ठ नेताओं में विचार विमर्श परंपरा रही है.

त्रिपुरा में भाजपा को बहुमत
भारतीय जनता पार्टी ने त्रिपुरा में वाम दलों का किला ध्वस्त करते हुए शनिवार (3 मार्च) को आए तीन विधानसभा चुनावों के परिणामों में पूर्वोत्तर में अपना विजय अभियान जारी रखा. त्रिपुरा में भाजपा को अजेय बहुमत मिलने के बाद सरकार बनना तय है, जबकि नगालैंड में भाजपा गठबंधन की सरकार बनाने की दिशा में अग्रसर है. वहीं, मेघालय में भी भाजपा गैर-कांग्रेसी दलों को साथ लेकर सरकार बनाने की कोशिश कर रही है. भाजपा संसदीय बोर्ड की शनिवार (3 मार्च) को शाम में हुई बैठक में यह विश्वास जताया गया कि पार्टी नगालैंड और मेघालय में भी सरकार बनाएगी. भाजपा ने दावा किया कि उसे दोनों राज्यों में सहयोगियों के साथ पूर्ण बहुमत है.

त्रिपुरा में भाजपा और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) गठबंधन को 59 सीटों में से 43 सीटों पर जीत मिली. भाजपा की झोली में 35 सीटें आयीं जबकि आईपीएफटी आठ सीटों पर कब्जा जमाने में कामयाब रही. इस गठबंधन ने प्रदेश की सभी सुरक्षित 20 जनजातीय विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की है.

त्रिपुरा में जीत संघ को ‘गुरुदक्षिणा’
भारतीय जनता पार्टी ने त्रिपुरा में वाम दलों का किला ध्वस्त करते हुए शनिवार (3 मार्च) को आए तीन विधानसभा चुनावों के परिणामों में पूर्वोत्तर में अपना विजय अभियान जारी रखा. त्रिपुरा में भाजपा को अजेय बहुमत मिलने के बाद सरकार बनना तय है, लेकिन इस जीत के संकेत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पिछले साल विजयादशमी के समय ही दे दिए थे. दरअसल त्रिपुरा की जीत के जरिए अमित शाह ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) से किए एक वादे को पूरा करने का काम किया है. 2017 में विजयादशमी के मौके पर भाजपा अध्यक्ष ने संघ के वरिष्ठ नेताओं से एक वादा किया था कि वे उन्हें अगले साल यानि की 2018 में गुरुदक्षिणा देंगे. वास्तव में अमित शाह का इशारा पूर्वोत्तर के त्रिपुरा राज्य की ओर था, जहां चुनाव होने वााले थे।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments