दिल्ली में आयोजित अंतर धार्मिक बैठक का हिस्सा रहे मुस्लिम धर्मगुरू हजरत सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि सर तन से जुदा जैसा नारा इस्लाम विरोधी। ये तालिबानी विचार हैं। ऐसे लोग देशद्रोही हैं। इनका मुकाबला बंद कमरों ने बजाय जमीन पर किया जाना चाहिए। पीएफआई पर बोलते हुए कहा कि सरकार को इन संगठनों पर प्रतिबंध लगाने चाहिए।
इससे पहले दिल्ली में अंतर धार्मिक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने की। उन्होंने कहा कि कुछ तत्व ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो देश की प्रगति में बाधा पैदा कर रहा है। उन्होंने इन सबकी निंदा की। कहा कि पीएफआई और अन्य कट्टरपंथी ताकतो के खिलाफ हमे मिलकर काम करने की जरूरत है।
इस्लाम विरोधी है सर तन से जुदा नारा
सम्मेलन में उपस्थित ऑल इंडिया सूफी सज्जादनशीन काउंसिल (AISSC) के चीफ हजरत सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने कहा, ‘सर तन से जुदा’ जैसे नारे इस्लाम विरोधी हैं। तालिबान का विचार है, इसका मुकाबला बंद कमरों के बजाय जमीन पर किया जाना चाहिए… चाहे वह पीएफआई हो या अन्य संगठन, भारत सरकार को उन पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।