भोपाल/ जनजाति सुरक्षा मंच मध्यप्रदेश द्वारा अपनी विभिन्न मागों को लेकर शुक्रवार , 10 फरवरी को भोपाल के दशहरा मैदान में गर्जना डीलिस्टिंग महारैली का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रदेशभर से जनजातीय बंधु शामिल होंगे.
जनजाति सुरक्षा मंच छिंदवाड़ा के जिला संयोजक गुरुप्रसाद धुर्वे ने बुधवार (Wednesday) को बताया कि 10 फरवरी को आयोजित महारैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे. जनजाति सुरक्षा मंच की प्रमुख मांगें हैं कि राजनैतिक दल अनुसूचित जनजातियों के लिये आरक्षित सीट पर धर्मान्तरित व्यक्ति को टिकट नहीं दिया जाए तथा धर्मान्तरित व्यक्तियों को अनुसूचित जनजाति की सूची में से हटाया जाए. सरकारी नौकरियां पहले से ही कम है, यदि समय रहते धर्मांतरित लोगों को पदच्युत नहीं किया गया तो जनजाति समुदाय को नौकरियों का अवसर कभी नहीं मिल पाएगा. पुरखों की संस्कृति ही संविधान का हक का आधार है जिन्होंने संस्कृति छोड़ दी, उन्होंने जनजाति पहचान छोड़ दी, अब वे हमारा आरक्षण भी छोड़ दे.
अनुसूचित जाति की भांति अनुसूचित जनजाति में भी ईसाइयों और इस्लाम धर्मांतरित सदस्यो की डीलिस्टिंग हो क्योंकि ये लोग कानूनन अल्पसंख्यक है, वही रहे. 1970 से डीलिस्टिंग बिल, संसद में लंबित है अब पारित किया जाए. पांच प्रतिशत धर्मांतरित लोग, मूल जनजाति की 70 प्रतिशत नौकरियां, छात्रवृत्ति और विकास फंड हड़प रहे है अर्थात 95 प्रतिशत को मात्र 30 प्रतिशत लाभ ही मिल रहा है, यह अन्यायपूर्ण है. बैकलाक भर्ती में जनजाति बंधुओं की सीटों को जनजाति बंधुओं से ही भरी जाए सहित अन्य मांगों को लेकर जनजाति सुरक्षा मंच छिंदवाड़ा के जनजाति बंधु एवं भगिनी जनजाति भेषभूषा एवं नृत्यक दल के साथ हजारों की संख्या में दशहरा मैदान भोपाल (Bhopal) पहुंचेंगे.