Homeदेशअब उड़ीसा में भी रामनवमी जुलूस के लिए हिंदुओं को लेना पड़ा...

अब उड़ीसा में भी रामनवमी जुलूस के लिए हिंदुओं को लेना पड़ा कोर्ट का सहारा बीजू सरकार ने लगाई थी रोक

धर्मनिरपेक्षता देखने लायक है जहाँ हिन्दू समाज अपने आराध्य के लिए अदालत जाना है . पहले तो उसी आराध्य का मन्दिर बनवाने की मांग करने के लिए ३० साल अदालत की चौखट पर खड़ा रहता है फिर उसी आराध्य के पावन दिन अर्थात श्रीरामनवमी के लिए वो तमाम प्रदेशों में रोक हटवाने के लिए बारी बारी वो उस राज्य की तमाम अदालतों के चक्कर सिर्फ इसलिए काटता है क्योकि वहां की तथाकथित धर्मनिरपेक्ष सरकार उन्हें अनुमति ही नहीं दी होती है .हाइकोर्ट नेओडिशा के भद्रक शहर श्रीराम महायज्ञ समिति को रामनवमी के लिए अनुष्ठान करने और साल 2017 की तरह उसी तरीके तथा उसी मार्ग से कलश शोभायात्रा एवं जुलूस निकालने की अनुमति देने के निर्देश सेकुलर मुख्यमंत्री पटनायक को दिए हैं.

इतना ही नहीं हाईकोर्ट ने भद्रक के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि इस पावन अवसर पर जुलूस और अन्य संबंधित विधि विधानों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाएं तथा यह सुनिश्चित करें कि कोई सांप्रदायिक तनाव या दंगा ना हो. मुख्य न्यायाधीश विनीत सरन और न्यायमूर्ति बीआर सारंगी की खंडपीठ ने ये निर्देश दिए. अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता ने प्रतिवादियों को तुरंत इसकी सूचना दी. भद्रक . उडीसा का सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला इलाका है भद्रक जहाँ पर पिछले साल भी भयानक दंगे हुए थे और स्थानीय लोगों का मानना है कि इस इलाके की अगर सघन जांच की जाय तो संदिग्ध बंगलादेशी या रोहिंग्या घुसपैठी हो सकते हैं जिन्हें यहाँ की तथाकथित सेकुलर सरकार यकीनन सत्ता का संरक्षण सब कुछ जानते हुए भी दे रही है .

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments