जाबांज पत्रकार संदीप शर्मा कोशब्दशक्तिन्यूस की सादर श्रद्धांजलि
भिंड। मप्र के जिला भिंड में रेत माफिया,पुलिस के गठजोड़ का स्टिंग करने वाले पत्रकार संदीप शर्मा की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। उनकी हत्या की भी आशंका जताई जा रही है। संदीप शर्मा तत्कालीन अटेर एसडीओपी इंद्रवीर भदौरिया का स्टिंग कर चर्चा में आए थे। संदीप न्यूज वर्ल्ड चैनल के लिए काम करते थे।
हादसा उस वक्त हुआ जब संदीप शहर कोतवाली के पास से गुजर रहे थे और उनको एक ट्रक ने पीछे से टक्कर मारी। उनको डायल 100 से तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान उन्होने दम तोड़ दिया। रेत माफिया और पुलिस के गठजोड़ के स्टिंग के बाद संदीप इस तरह के हादसे की आशंका पहले ही जता चुके थे। संदीप द्वारा किए गए स्टिंग आॅपरेशन में पुलिस अधिकारी का रेत माफिया के साथ बातचीत का आॅडियों वायरल हुआ था।इसके बाद पुलिस अधिकारी का तबादला हो गया था।संदीप को इस खबर के बाद लगातार धमकियां मिल रही थी।उसने एसपी भिण्ड को बकायदा लिखित आवेदन देकर जान को खतरा बताया था।
घटना के बाद पुलिस ने फरार डंपर चालक की गिरफ्तारी के लिए इलाके की नाकेबंदी कर दी है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी पडताल की जा रही है। संदीप के परिवार में पत्नी के अलावा दो छोटे बच्चे है। उसका भाई 22 अप्रैल 2004 को कश्मीर में आंतकियों से लडते शहीद हुआ था। एसपी भिण्ड प्रंशात रखरे ने कहा है कि,घटना की हर कोण से पडताल की जा रही है। भिण्ड के पत्रकारों ने इस घटना के दोषियों की तुंरत गिरफ्तारी की मांग की है।
राजनीतिक रंग देने की कोशिश
एक पत्रकार की दर्दनाक मौत के बाद अब इसपर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों से जुड़े लोग इसे मध्यप्रदेश में सरकारी सरंक्षण में फलफूल रहे रेत व खदान माफिया की करतूत बताकर हमला बोल रहे हैं। हालांकि यह सच है कि पत्रकार संदीप ने रेत माफिया के खिलाफ इस्टिंग किया था और उन्होंने पत्र लिख कर हत्या की आशंका जताई थी बावजूद इसके उनकी मौत हत्या है या दुर्घटना यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा हालांकि उनके परिवारजन रेत माफिया द्वारा किये षडयंत्र के बाद इसे हत्या बता रहे हैं जबकि प्रशासन इसे महज दुर्घटना बता रहा है।